उत्तर प्रदेश के बहराइच में पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने विभागीय कार्रवाई करते हुए जिले के जरवल रोड थाने के थानाध्यक्ष विनोद राव और चौकी इंचार्ज असलम को उनके पद से रिवर्ट कर दिया है. थानाध्यक्ष को दारोगा और चौकी इंचार्ज को सिपाही के पद पर वापस भेजा गया. यह कार्रवाई एक जमीनी विवाद के मामले में उनकी संदिग्ध भूमिका के कारण की गई.
बता दें, जनवरी माह में जरवल कस्बे में एक अपराधी ने कुछ लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया था. इस मामले में थानाध्यक्ष विनोद राव और चौकी इंचार्ज असलम की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी. जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया था. फरवरी में शुरू की गई जांच रिपोर्ट मिलने के बाद, एसपी ने दोनों पर रिवर्ट करने की कार्रवाई की है.
जिले के जरवल रोड थाने में थानाध्यक्ष के पद पर विनोद राव जनवरी माह से तैनात थे, वहीं जरवल चौकी इंचार्ज के पद पर दीवान असलम तैनात थे. पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि इन दोनों को पुलिस अधीक्षक ने एक मामले में फरवरी माह में निलंबित कर दिया था. इन्हें पुलिस लाइन में तैनात कर इनकी तत्कालीन ऐप पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी से विभागीय जांच शुरू करवाई थी.
इस मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने थानाध्यक्ष विनोद राव को उनके इंस्पेक्टर के पद से रिवर्ट करते हुए उन्हें उनके मूल पद दारोगा और जरवल कस्बे में तैनात चौकी इंचार्ज दारोगा असलम को उनके मूल सिपाही पद पर रिवर्ट कर दिया.