सिलतरा हत्या
रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में हुए आदिवासी युवक की हत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। हनुमान इस्पात फैक्ट्री में कार्यरत 35 वर्षीय शिवप्रसाद ध्रुव की होटल में चाकू मारकर हत्या के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार के रवैये को लेकर कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई है।
यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
कैसे हुआ विवाद और हत्या?
पुलिस के अनुसार घटना 9 फरवरी की शाम की है।
- स्थान: सिलतरा फेज-02 स्थित एक होटल
- मृतक: शिवप्रसाद ध्रुव (निवासी अनुपपुर, मध्यप्रदेश)
- पेशा: हनुमान इस्पात फैक्ट्री में क्रेन ऑपरेटर
- विवाद की वजह: थाली का खाना कुत्ते को खिलाना
बताया गया कि होटल में खाना खाने के दौरान सागर साहू अपनी थाली छोड़कर किचन में गया। इसी दौरान शिवप्रसाद ने बचा हुआ खाना कुत्ते को खिला दिया। इस बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि होटल कर्मचारी पवन सेन और सागर साहू ने शिवप्रसाद को बाहर घसीटा और चाकू से सीने में वार कर दिया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
धरसींवा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया।
- अपराध क्रमांक: 91/26
- धाराएं: 103, 351(2), 3(5) बीएनएस
- गिरफ्तार आरोपी:
- पवन कुमार श्रीवास (35 वर्ष)
- सागर साहू (24 वर्ष)
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।
24 घंटे तक चीरघर में रहा शव
हत्या के बाद एक और गंभीर सवाल खड़ा हुआ।
- शव 24 घंटे तक धरसींवा चीरघर में रखा रहा।
- परिजनों को अगले दिन सुबह सूचना मिली।
- पत्नी, बच्चे और ससुराल पक्ष अनूपपुर से पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार ने कोई संपर्क नहीं किया। कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हुआ।
कांग्रेस ने जताई नाराजगी
मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है।
- पीसीसी चीफ दीपक बैज ने परिजनों से फोन पर चर्चा की।
- कांग्रेस नेता भावेश बघेल को मौके पर भेजा गया।
- प्रतिनिधिमंडल फैक्ट्री पहुंचा, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला।
कांग्रेस ने फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार के रवैये को “गैरजिम्मेदाराना” बताया है। पार्टी का कहना है कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी की मौत के बाद भी प्रबंधन की संवेदनहीनता चिंताजनक है।
परिवार की मांग क्या है?
मृतक की पत्नी राधाबाई ने बताया कि:
- उनके पति वर्षों से ठेकेदार एके सिंह के अधीन काम कर रहे थे।
- घटना के बाद किसी ने हालचाल नहीं लिया।
- आर्थिक मदद और न्याय की मांग की गई है।
बड़ा सवाल
सिलतरा हत्या मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा पर्याप्त है?
- ठेका प्रथा में काम करने वाले मजदूरों की जवाबदेही कौन तय करेगा?
- संवेदनशील मामलों में फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए?
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। लेकिन यह घटना प्रशासन, उद्योग जगत और राजनीति—तीनों के लिए गंभीर संदेश छोड़ गई है।
सिलतरा हत्या मामला अब न्याय और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।