Silver Rate Today
🪙 भूमिका
सर्राफा बाजार में चांदी की चमक एक बार फिर फीकी पड़ गई है। 10 फरवरी को चांदी के भाव में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया। आज चांदी की कीमत 4331 रुपये टूटकर 2,57,424 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। जीएसटी जोड़ने के बाद चांदी अब 2,65,146 रुपये प्रति किलो में बिक रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चांदी अब अपने 29 जनवरी के ऑल टाइम हाई से 1.28 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है।
📉 आज कितना टूटा Silver Rate?
आज की गिरावट के बाद चांदी के दाम इस स्तर पर पहुंच गए हैं—
- गिरावट: 4331 रुपये प्रति किलो
- बिना GST भाव: ₹2,57,424 प्रति किलो
- GST समेत कीमत: ₹2,65,146 प्रति किलो
- 29 जनवरी के ऑल टाइम हाई से गिरावट: ₹1,28,509
यह गिरावट हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
🌍 इंटरनेशनल मार्केट का असर
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में नजर आई—
- सिंगापुर मार्केट में सिल्वर 2.4% गिरकर $81.43 पर आ गई
- प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी कमजोरी
- ग्लोबल लेवल पर प्रेशर ने घरेलू कीमतों को भी नीचे खींचा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट बाजार से भागने का संकेत नहीं बल्कि मुनाफावसूली और पोजीशन कम करने का नतीजा है।
🧠 गिरावट की असली वजह क्या है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार—
- जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड तेजी के बाद बाजार ओवरहीट हो गया था
- निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूली शुरू की
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन हल्की की
हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि—
- भू-राजनीतिक तनाव अब भी बना हुआ है
- सेंट्रल बैंकों की खरीदारी जारी है
- निवेशक अब भी बॉन्ड और करेंसी से कीमती धातुओं की ओर झुके हुए हैं
यानी लंबी अवधि की तेजी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
📅 फरवरी में कैसी रही चांदी की चाल?
फरवरी महीने में चांदी का उतार-चढ़ाव बेहद तेज रहा—
- 1 फरवरी: ₹73,599 की गिरावट, भाव ₹2,65,751
- 2 फरवरी: ₹29,255 टूटी, ₹2,36,496 पर पहुंची
- 3 फरवरी: ₹27,496 की जोरदार उछाल
- 4 फरवरी: ₹18,497 की तेजी, ₹2,82,462 पर पहुंची
- 5 फरवरी: ₹28,123 की गिरावट
- 6 फरवरी: लगातार दूसरे दिन गिरावट, ₹9,410 टूटी
- 9 फरवरी: ₹8,736 की रिकवरी
इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया है कि बाजार फिलहाल बेहद वोलाटाइल है।
🤔 निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों की राय में—
- शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
- लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को मौके के तौर पर देख सकते हैं
- नई खरीदारी से पहले जोखिम को समझना जरूरी