आत्मसमर्पित माओवादियों को कृषि विभाग द्वारा चौगेल कैंप में दिया जा रहा कौशल प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

“आत्मसमर्पित माओवादी प्रशिक्षण”


आत्मसमर्पित माओवादियों को कृषि विभाग द्वारा चौगेल कैंप में दिया जा रहा प्रशिक्षण

उत्तर बस्तर कांकेर:
जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम चौगेल कैंप में आत्मसमर्पित 40 महिला और पुरुष माओवादियों को अब मुख्यधारा में लौटने और रोजगार से जुड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ड्राइविंग, सिलाई, काष्ठशिल्प, इलेक्ट्रिशियन और कृषि आधारित आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य है।

कृषि क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण

कृषि विभाग के सहयोग से 25 से 27 फरवरी तक तीन दिवसीय कृषि प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आत्मसमर्पित माओवादियों को कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यों पर जानकारी दी जा रही है। उप संचालक कृषि जितेंद्र कोमरा ने बताया कि इस प्रशिक्षण में कई रोजगारमूलक योजनाओं को शामिल किया गया है, जिनमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना, कृषक उन्नति योजना, और पीएम किसान सम्मान निधि योजना प्रमुख हैं।

प्रशिक्षण में शामिल योजनाएं

  • कृषि यंत्र उपकरण और एग्रीकल्चर सब मिशन योजना के तहत कृषि यंत्रों का प्रयोग और उनके फायदे समझाए जा रहे हैं।
  • लाभकारी फसलें: दलहन, तिलहन, रागी, कोदो, कुटकी और मक्का की आधुनिक खेती के बारे में जानकारी दी जा रही है।
  • सब्जी उत्पादन और फूलों की खेती के लिए भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • पशुपालन विभाग के तहत मुर्गी पालन, शूकर पालन, बकरी पालन, दुग्ध व्यवसाय, और मछलीपालन जैसे आजीविकामूलक कार्यों के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

समाज की मुख्यधारा में लौटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

इस कार्यक्रम का उद्देश्य आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इस पहल से उन्हें न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि यह उनके जीवन को नए दिशा और उद्देश्य भी प्रदान करेगा।

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