दमघोंटू हवा में सांस ले रहे दिल्लीवालों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। हवा की रफ्तार तेज होने के चलते राजधानी का एक्यूआई चार दिन बाद खतरे के लाल निशान से नीचे आया। इसके चलते शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से सुधरकर खराब श्रेणी में पहुंचा। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 270 अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है।
एक दिन पहले यह सूचकांक 306 अंक पर रहा था। वहीं, दिल्ली-एनसीआर की हवा में शुक्रवार शाम चार बजे प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 225 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। मानकों के मुताबिक, पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले दो दिनों के बीच हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का स्तर भी बढ़ेगा।
आनंद विहार पिछले कई वर्षों से प्रदूषण का हॉटस्पॉट बना हुआ है, लेकिन इस बार यहां पर प्रदूषण का स्तर लगातार ही सामान्य से ज्यादा देखने को मिल रहा है। शुक्रवार शाम चार बजे यहां का सूचकांक गंभीर श्रेणी के साथ 401 अंक पर रहा। आनंद विहार उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है और यहां पर वाहनों का आवागमन बहुत ज्यादा है। साथ ही निर्माण कार्य भी हो रहे हैं।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि प्रदूषण के ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों में इसके स्रोतों की पहचान ड्रोन कैमरों की मदद से की जाएगी। राय ने कहा कि यह फिलहाल प्रायोगिक आधार पर किया जा रहा है और सफल रहता है तो अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में सुधार आएगा। ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्र से मतलब अत्यधिक प्रदूषित इलाकों से है। उन्होंने राजधानी वासियों से प्रदूषण कम करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया और कहा, ‘दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रही है।’