उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को बम की धमकियों और संबंधित आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक विस्तृत एसओपी बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही एक व्यापक एक्शन प्लान विकसित करने का निर्देश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन निर्देशों को पूरा करने के लिए आठ हफ्ते की समय सीमा तय की है। अदालत ने कहा कि एसओपी में सभी हितधारकों कानून प्रवर्तन एजेंसियों, स्कूल प्रबंधन और नगर निगम अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों बताया जाना चाहिए ताकि बेहतर कोऑर्डिनेशन और प्रभावी ऐक्शन सुनिश्चित किया जा सके।