समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को संभल पहुंचा और जामा मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा में गिरफ्तार लोगों से जेल में जाकर मुलाकात की। जिला कारागार के सूत्रों ने बताया कि मुरादाबाद के पूर्व महापौर डॉ एसटी हसन के नेतृत्व में पहुंचे सपा के प्रतिनिधिमंडल ने संभल हिंसा के आरोपियों से जेल में जाकर मुलाकात की। जेल में बंदियों से मुलाकात के लिए पहले से पर्ची जमा की गई थी।
जेल में मुलाकात करने वालों में पूर्व सांसद डॉक्टर एसटी हसन, अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट से विधायक समरपाल सिंह, ठाकुरद्वारा सीट से विधायक नवाब जान खान समेत कुल 15 लोग शामिल थे।
पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन ने अपने बयान में कहा है कि संभल हिंसा के बाद काफी लोग यहां जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर हिंसा के दौरान ऐसे कई मासूम तमाशबीन भी फंस जाते हैं जिनका बवाल से कोई लेना-देना नहीं होता है। उन लोगों की दिलजोही के लिए हम लोग आज यहां उनसे मिलने आए हैं, ताकि उन्हें जेल से बाहर लाने के लिए हर संभव कानूनी मदद की जा सके।
विपक्ष द्वारा बार-बार संभल जाने को लेकर हमलावर भाजपा द्वारा संभल को सियासी टूरज्मि बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मणिपुर में हिंसा के बावजूद वहां के हालात की जानकारी लेने की जहमत नहीं उठाते हैं ऐसे में उनको संभल जाना टूरज्मि लगता है।
गौरतलब है कि संभल में हरिहर मंदिर बनाम जामा मस्जिद मामले में अदालत के आदेश पर नियुक्त एडवोकेट कमीश्नर टीम द्वारा किए गए सर्वे को लेकर बवाल हो गया था। इसके बाद भड़की हिंसा में चार लोग मारे गए थे। शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संभल जिला प्रशासन द्वारा बाहरी लोगों के संभल प्रवेश पर 10 दिसंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है।
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