आवारा कुत्तों ने संजय वन वाटिका में हिरणों का शिकार किया, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

आवारा कुत्तों का हमला


संजय वन वाटिका में बड़ी घटना: आवारा कुत्तों ने 15 हिरणों की जान ली

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़: संजय वन वाटिका में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों ने शिकार पर निकले हिरणों को निशाना बनाया। घटना के परिणामस्वरूप, 15 हिरणों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें 6 कोटरा हिरण, 7 चीतल और 2 चौसिंघा हिरण शामिल थे। यह घटना वन विभाग की लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधों की गंभीर खामी को उजागर करती है।

घटना की भयावहता

देर रात, 4 आवारा कुत्तों ने संजय वन वाटिका में प्रवेश किया और शाकाहारी पशु बाड़ों में रखे गए हिरणों पर हमला कर दिया। कुत्तों ने हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और उन्हें घायल कर दिया। कुत्तों के हमले के दौरान 14 हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हिरण का इलाज के दौरान 20 मार्च को निधन हो गया।

घटना को दबाने की कोशिश

घटना के बाद, रात ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने कुत्तों को भगाया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। हालांकि, वाटिका प्रबंधन ने इस घटना को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने हिरणों के शव को जंगल में छिपाकर जला दिया ताकि घटना का कोई निशान न रहे।

अधिकारियों की कार्रवाई और जांच

घटना की जानकारी मिलने पर, डीएफओ अभिषेक जोगावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि एक हिरण का शव बाड़े में पड़ा हुआ था, और हिरणों को जलाने के सबूत जंगल के पीछे मिले। इसके बाद, मृत हिरणों का पोस्टमार्टम किया गया और विधिवत दाह संस्कार किया गया।

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:

  • संजय वन वाटिका के प्रभारी सहित 3 वनपाल और 1 वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
  • रेंजर अक्षपलक ऋषि, एसडीओ और डीएफओ को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया।
  • सूत्रों के अनुसार, गंभीर लापरवाही के कारण इन अधिकारियों पर भी सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है।

वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल

यह घटना वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 15 हिरणों की मौत से यह स्पष्ट होता है कि संजय वन वाटिका में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए थे। इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऐसे सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई:

  • डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हासस्पेंड
  • वनपाल ममता पोर्तेसस्पेंड
  • वनपाल प्रतिमा लकड़ासस्पेंड
  • बीट गार्ड फुलमनी सिंहसस्पेंड

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