धौराभाठा औद्योगिक हादसे पर सख्त एक्शन: मेसर्स रियल इस्पात के किल्न-1 पर तत्काल प्रतिबंध, सुरक्षा लापरवाही उजागर


धौराभाठा औद्योगिक दुर्घटना


📰 पूरा आर्टिकल (400+ शब्द)

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाना परिसर में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई है।

🚨 क्या है पूरा मामला?

दिनांक 22 जनवरी 2026, सुबह लगभग 9:40 बजे, कारखाने के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल पर कार्य के दौरान अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार हो गई। इस भयावह दुर्घटना में:

  • 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई
  • 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए

घटना के समय डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर लगभग 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग प्रक्रिया के माध्यम से नीचे गिराया जा रहा था, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण कार्य था।

🔍 प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?

दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा उप संचालकों एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम के साथ कारखाने का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान:

  • दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई
  • कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया।

⚠️ पाए गए प्रमुख सुरक्षा उल्लंघन

जांच रिपोर्ट के अनुसार:

  • एसओपी (Standard Operating Procedure) का पालन नहीं किया गया
  • किल्न शटडाउन किए बिना श्रमिकों से कार्य कराया गया
  • डस्ट सेटलिंग चेंबर का हाइड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया
  • वर्क परमिट जारी नहीं किया गया
  • नियमित मेंटेनेंस का अभाव
  • श्रमिकों को सुरक्षा प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण नहीं मिला
  • हीट रेसिस्टेंट एप्रन, हेलमेट, सुरक्षा जूते जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए

🛑 किल्न-1 पर तत्काल प्रतिबंध

इन गंभीर खामियों को देखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि किल्न क्रमांक-01 में कार्य इमिनेंट डेंजर की स्थिति में था। इसके चलते कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत:

  • किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है

यह प्रतिबंध तब तक प्रभावशील रहेगा, जब तक कारखाना प्रबंधन द्वारा:

  • सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित न कर दी जाएं
  • संबंधित प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत न कर दिए जाएं

💰 श्रमिकों के वेतन को लेकर निर्देश

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान भी कारखाने में नियोजित सभी श्रमिकों को उनका वेतन एवं अन्य भत्ते निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से दिए जाएं।

🏛️ शासन की सख्त चेतावनी

मुख्य कारखाना निरीक्षक सह श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि:

“औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

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