“छत्तीसगढ़ में रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जेल की सजा भी तय!”

रासायनिक खाद कालाबाजारी


रासायनिक खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई का ऐलान: छत्तीसगढ़ कृषि मंत्री की चेतावनी

छत्तीसगढ़ सरकार ने रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की घोषणा की है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करते पाए जाएंगे, उन्हें जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा। यह निर्णय खाद की किल्लत को लेकर किसी भी प्रकार के गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सरकार की तैयारियां

  • रासायनिक उर्वरक की कमी: पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक खादों की आपूर्ति में कमी हो सकती है, लेकिन सरकार पूरी तरह सजग है और इसकी कोई कमी नहीं होने देगी।
  • जैविक खेती को बढ़ावा: कृषि मंत्री ने किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की बात की। सरकार का फोकस केवल रासायनिक उर्वरकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने पर भी है।

सम्पूर्ण प्रदेश में खाद आपूर्ति की निगरानी

  • कृषि विभाग की सक्रियता: राज्य सरकार ने खाद की आपूर्ति की निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण की योजना बनाई है। विभागीय अधिकारी खाद की आपूर्ति और वितरण की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे।
  • ग्राम-ग्राम किसान संपर्क अभियान: 5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में विकसित भारत संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और वैकल्पिक उर्वरकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

किसान कल्याण योजनाओं का प्रचार-प्रसार

  • फार्मर आईडी और एग्रीस्टैक पोर्टल: कृषि मंत्री ने सभी किसानों को पीएम किसान योजना से लाभान्वित होने के लिए जल्द पंजीकरण करने की सलाह दी।
  • उर्वरक भण्डारण की तैयारी: खरीफ सीजन में उर्वरक की सुगम व्यवस्था के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक भण्डारण किया जाएगा।

दलहन और तिलहन को बढ़ावा देने की रणनीति

  • दलहन तिलहन के रकबे में वृद्धि: पिछले वर्षों में ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
  • प्रोसेसिंग योजनाओं का समर्थन: धमतरी जिले में दलहन और तिलहन की फसलों में वृद्धि की सराहना की गई है, और इसे अन्य जिलों में भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

मखाना और सिंघाड़ा की खेती को बढ़ावा

  • मखाना की खेती: कृषि मंत्री ने मखाना और सिंघाड़ा की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मछली पालन के साथ किसानों को इसके लाभ के बारे में जागरूक किया जाएगा।

आगे की राह: खेती को और अधिक लाभकारी बनाना

  • सरकार का लक्ष्य केवल खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाना है।
  • नई तकनीक और योजनाओं का समावेश: किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाएगा।

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