धान खरीदी निरीक्षण
भूमिका
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और किसानों के हित में संचालित करने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर द्वारा किया गया औचक निरीक्षण प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का मजबूत संदेश बनकर सामने आया है। धान खरीदी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हालत में ऑनलाइन एंट्री लंबित नहीं रखी जाए और खरीदी कार्य समाप्त होते ही समापन रिपोर्ट तत्काल तैयार की जाए।
ऑनलाइन एंट्री और समापन रिपोर्ट पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा—
- धान खरीदी से संबंधित
- ऑनलाइन एंट्री
- भुगतान विवरण
- स्टॉक जानकारी
किसी भी स्थिति में लंबित न रहे
- खरीदी कार्य पूर्ण होते ही
- समापन रिपोर्ट तुरंत तैयार की जाए
- भौतिक सत्यापन और
- अभिलेखों का मिलान
अनिवार्य रूप से किया जाए
- अभिलेखों का मिलान
उन्होंने कहा कि लापरवाही सीधे तौर पर किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाती है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमीशन और अवैध वसूली पर सख्त चेतावनी
कलेक्टर ने धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया।
- उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि—
- किसी भी स्तर पर
- कमीशन
- अवैध वसूली
- या अनधिकृत रोक-टोक
की शिकायत मिलने पर
- दोषियों के खिलाफ
- सख्त दंडात्मक कार्रवाई
की जाएगी
- किसी भी स्तर पर
कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा साफ है—किसानों को बिना किसी दबाव के, सरल और भरोसेमंद व्यवस्था मिलनी चाहिए।
किसानों की समस्याएं सुनीं, मौके पर दिए निर्देश
धान खरीदी निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित थे। किसानों ने—
- तौल प्रक्रिया
- भुगतान में देरी
- दस्तावेजों से जुड़ी दिक्कतें
जैसी समस्याएं सीधे कलेक्टर के समक्ष रखीं।
कलेक्टर ने—
- समस्याओं को गंभीरता से सुना
- संबंधित अधिकारियों को
- मौके पर ही
- त्वरित समाधान
के निर्देश दिए
इससे किसानों में यह भरोसा जगा कि उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंच रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे—
- एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा
- डिप्टी कलेक्टर शुभम देव
- संबंधित समिति प्रबंधक
- सहकारी समिति के कर्मचारी
सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
औचक निरीक्षण का असर
कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद—
- धान खरीदी केंद्रों में
- प्रशासनिक सक्रियता
स्पष्ट रूप से बढ़ी है
- प्रशासनिक सक्रियता
- कर्मचारियों में
- जवाबदेही का भाव
मजबूत हुआ है
- जवाबदेही का भाव
- किसानों में
- विश्वास का माहौल
बना है
- विश्वास का माहौल
किसानों का कहना है कि अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी उपज की खरीदी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी।