प्रेम मंदिर वृंदावन और भक्ति धाम मनगढ़ कुंडा के संस्थापक जगद्गुरु कृपालु जी की बेटियों की दुर्घटना के मामले में नया मोड़ आ गया है। कार चालक ने दर्ज कराए मुकदमे में इस घटना में साजिश की भी आशंका जताई है। पुलिस हादसा या साजिश दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। हादसे में प्रेम मंदिर की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई थी। जगद्गुरु कृपालु जी की तीनों बेटियां रविवार को दनकौर में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक हादसे का शिकार हो गई थीं। हादसे में वृंदावन के प्रेम मंदिर की अध्यक्षा डॉ. विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई थी, जबकि उनकी दो बहनें श्यामा त्रिपाठी, कृष्णा त्रिपाठी समेत सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी तीनों बेटियां सिंगापुर जाने के वृंदावन से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए निकली थीं।
उधर, उन्नाव में 150 साल पुराना पुल गंगा में समा गया। 150 साल पुराने पुल पर चार साल से आवागमन बंद था। गनीमत रही कि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वर्ष 2021 में पुराने यातायात पुल की कोठियों में दरार आने से पुल को बंद कर दिया गया था। कानपुर और उन्नाव जिला प्रशासन ने पुल में कोई प्रवेश न कर सके इसके लिए दोनों तरफ दीवारें तक बनवा दी थी। वहीं कानपुर की ओर पुल को खोलकर पिकनिक स्पॉट बनाए जाने की कवायद चल रही थी। उससे पहले बंद पड़ा यातायात रेलवे पुल सोमवार रात भरभरा कर गिर गया। पुल के गिरने से लोगों में हड़कंप मच गया।