आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल बीते कई महीनों से अपनी ही पार्टी की सरकार के लिए एक्शन मोड में हैं और लगातार दिल्ली की अलग-अलग समस्याओं को उठाते हुए AAP सरकार को शर्मिंदा करती रहती हैं। शुक्रवार को उन्होंने एकबार फिर ऐसा ही कुछ किया और दिल्ली के सागरपुर की समस्याओं को उठाते हुए मुख्यमंत्री आतिशी पर निशाना साधा। इससे जुड़ा एक वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया, जिसमें लोग उन्हें इलाके में टूटी-फूटी सड़कों, गंदे पानी, बिजली समेत टैंकर वालों की मनमानी की शिकायतें करते नजर आ रहे हैं।
मालीवाल ने इस बारे में जो वीडियो शेयर किया, उसके साथ उन्होंने लिखा, ‘सड़कें टूटी फूटी पड़ी हैं, कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं, नल से काला-गंदा पानी आता है, टैंकर वाले पानी बेचते हैं। सागरपुर की जनता जिस बदहाली में जीने को मजबूर है वो बेहद दुखद और शर्मनाक है। जनता के मन में बहुत नाराज़गी है।’
आगे सीएम आतिशी पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा कि, ‘मुख्यमंत्री आतिशी यहां कब आएंगी आप? हर रोज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके Hihihihi करने से कुछ नहीं होता, कुछ काम करो।’
मालीवाल ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें वे सागरपुर की गलियों में जाती दिखती हैं और कहती हैं, ‘हर सड़क, हर गली खुदी हुई है। एक गली ऐसी नहीं दिखी, जिसमें कुछ काम हुआ रखा हो।’ इसके बाद वीडियो में इलाके के लोग उन्हें अपनी समस्याएं बताते दिखते हैं। लोगों की भीड़ में से एक रिटायर्ड व्यक्ति बताते हैं कि ‘मैं अपनी पत्नी के साथ रहता हूं, लेकिन हमें टैंकर से पानी भरना पड़ता है, पहली बात तो टैंकर वाले आते ही नहीं हैं और आते भी हैं तो कहते हैं कि जल्दी से खाली करना।’
इसके बाद जब मालीवाल उनसे पूछती हैं कि क्या टैंकर वालों को पैसे भी देने पड़ते हैं तो एक शख्स कहता है.. समझदार को इशारा काफी है। इसके बाद एक शख्स शिकायत भरे लहजे में कहता है कि उन्होंने वादा किया था हमसे कि पिछले साल की फरवरी तक हम आपको गली बनाकर देंगे। लेकिन आजतक कोई शक्ल दिखाने नहीं आया कभी।
तभी एक व्यक्ति बताता है कि खुदी हुई सड़कों की वजह से आए दिन यहां पर कोई ना कोई गिरता रहता है। कल भी एक बुजुर्ग जो जल चढ़ाने जा रहे थे वो गिरकर घायल हो गए। इसके बाद कुछ लोग बताते हैं कि यहां स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती, जिस पर मालीवाल हैरान रह जाती हैं।
फिर एक शख्स कहता है कि पानी इतना काला और गंदा आता है जैसे गटर का पानी हो। दिल्ली जलबोर्ड में इस बारे में कई बार शिकायत कर चुके हैं, हर तीसरे दिन कहते हैं कि आपकी शिकायत क्लोज कर दी गई है। जेई ने बोल दिया है कि पानी साफ आ रहा है।
जब मालीवाल पूछती हैं कि विधायक कुछ नहीं करते, तो लोग बताते हैं कि विधायक का कुछ पता ही नहीं है। उनको तो जानते ही नहीं हैं।
एक महिला मालीवाल से कहती है कि इतनी गंदगी में हम कैसे खाना खा रहे हैं, हमेशा बीमार रहते हैं। मैडम पानी भी इतना गंदा आ रहा है, पीला आ रहा है, बीमार पड़ रहे हैं, बाहर से भर-भरकर ला रहे हैं। इतना बुरा हाल हो रहा है हमारा, पूरी गली का बुरा हाल हो रहा है। यहां बिल्कुल नर्क बना हुआ है।
इसके बाद मालीवाल वहां कचरे के ढेर में मौजूद गायों को देखती हैं, और कहती हैं कि सारी गायें प्लास्टिक खा रही हैं, बेशर्म लोग हैं बिल्कुल। इसके बाद स्थानीय लोग बताते है कि इस जगह को चंदा करके हम कचरा उठवाते हैं हम।
इसके बाद एक शख्स बताता है कि यहां रहने वाले आदित्य जैन को जब हार्ट अटैक आया था तो उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई तो उसके निकलने के लिए रास्ता नहीं था, तब सीवर के लिए नाले खुदे पड़े थे, जिससे उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
बता दें कि बीते कई महीनों से मालीवाल अपनी सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। कभी वे मुंडका की सड़कों पर भरे पानी का मुद्दा उठाती हैं, तो कभी शहर में बढ़ रहे डेंगू केसों के लिए एमसीडी को जिम्मेदार बताती हैं। कभी वे यमुना नदी में उठ रहे जहरीले झाग का मुद्दा उठाती हैं तो कभी दिल्ली के सीएम आवास से गायब हुए करोड़ों के सामान का मुद्दा उठाती हैं। इसके अलावा वो किराड़ी की निठारी रोड में जल रहे कचरे का मुद्दा, यहां पर बह रहे सीवेज के पानी का मुद्दा और यहां की शीशमहल कॉलोनी के बेकार हालात का मुद्दा भी उठा चुकी हैं। शीशमहल कॉलोनी को तो उन्होंने नर्क से भी बदतर बताया था।
दिवाली से एक दिन पहले उन्होंने दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर का मुद्दा उठाया था, वहीं इसके बाद सागरपुर, द्वारका इलाके में आ रहे गंदे पानी का मुद्दा उठाते हुए उसे लेकर वो नल का गंदा पानी बॉटल में लेकर सीएम आवास तक पहुंच गई थीं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सीएम को 15 दिन का वक्त दिया है।
मालीवाल भले ही आम आदमी पार्टी की सांसद हों, लेकिन मई महीने में मुख्यमंत्री निवास में उनके साथ हुई मारपीट की घटना के बाद पार्टी के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। बता दें कि मालीवाल ने 13 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर उनके सहयोगी बिभव कुमार पर हमला करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद बिभव कुमार के खिलाफ 16 मई को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आपराधिक धमकी, महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग तथा गैर इरादतन हत्या की कोशिश भी शामिल है।
FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुमार को 18 मई को गिरफ्तार कर लिया था। इसके करीब साढ़े तीन महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर को बिभव कुमार को जमानत दे दी।