बिजली का स्मार्ट मीटर लगाने से पहले होगी टैगिंग, उपभोक्ताओं पर नजर रखेगा विभाग

लेसा स्मार्ट मीटर लगाने से पहले बिजली उपभोक्ताओं के मीटर की टैगिंग करेगा। यह व्यवस्था उपभोक्ता से लेकर ट्रांसफार्मर तक रहेगी। इसमें उपभोक्ता का नाम, उसका घर, फीडर, ट्रांसफार्मर आदि की जानकारी होगी। उपभोक्ता कितनी बिजली का उपयोग कर रहा है और कितना बिल आ रहा है, इसका पता भी चल जाएगा। एक तौर से ट्रांसफार्मर से बिजली का उपभोग कर रहे उपभोक्ता पर विभाग की सीधी नजर रहेगी। लेसा के चारों जोन में छठ पूजा के बाद सभी डिवीजन में फीडर वाइस टैगिंग का काम शुरू किया जाएगा।

लखनऊ में करीब 12.50 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें लगभग 2.25 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा है। वहीं बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने तमाम कोशिशें की। भोर के साथ ही रात में प्रवर्तन दल के साथ जांच पड़ताल की गई। प्रतिदिन कहीं न कहीं बिजली चोरी भी पकड़ी गई, लेकिन इसमें 20 प्रतिशत की ही कमी आई। लाइन लॉस वाले फीडरों की स्थिति में व्यापक रूप से सुधार नहीं हुआ। इसे देखते हुए सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय लिया गया।

इससे पहले विभाग ने सभी उपभोक्ताओं की टैगिंग सर्वे कराने का फैसला लिया। लाइन लास वाले फीडरों से संबंधित ट्रांसफार्मरों से कितनी बिजली उपभोक्ताओं को दी गई और कितनी यूनिट बिजली का बिल बना, इसकी तुलना की जाएगी, जिस इलाके में लाइन लॉस अधिक है। वहां पहले स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। लखनऊ सेंट्रल जोन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि टैगिंग सर्वे का काम त्योहारो के कारण शुरू नहीं हो सका, लेकिन छठ पूजा के बाद काम में तेजी लाई जाएगी।

मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि बिजली स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की फीडर वाइस टैगिंग की जा रही है। इसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा। छठ पूजा के बाद रहीमनगर, सीतापुर रोड, विश्वविद्यालय, महानगर में टैगिंग सर्वे किया जाएगा।

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