उद्योगपति गौतम अडानी के मुद्दे पर संसद में जोरदार हंगामा हो रहा है। इसका असर आंध्र प्रदेश तक में देखने को मिल रहा है, जहां तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और भाजपा गठबंधन की सरकार है। टीडीपी के प्रवक्ता अनम वेंकटारमण रेड्डी ने बुधवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से उद्योगपति गौतम अडानी के साथ उनकी मुलाकातों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
टीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के माध्यम से अडानी ग्रुप से बिजली खरीदने के लिए गोपनीय रूप से फाइलों पर हस्ताक्षर किए। उनका दावा है कि कई विभागों के विरोध के बावजूद ऐसा किया गया। उन्होंने अमेरिका की एक अदालत में अडानी के खिलाफ लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों के संदर्भ में जगन मोहन रेड्डी से सफाई मांगी है।
1750 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोप
टीडीपी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेजों में अडानी ग्रुप पर 1,750 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं। टीडीपी नेताओं का कहना है कि इस मामले की जांच केंद्र सरकार द्वारा की जानी चाहिए और वाईएसआरसीपी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए पावर खरीद समझौतों की समीक्षा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का बयान
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा, “मेरे पास अमेरिका की अदालत में दाखिल आरोपों की पूरी रिपोर्ट है। हम इसे गहराई से अध्ययन करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। हम जनता को बताएंगे कि हम क्या कदम उठाने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान हुए इन आरोपों ने आंध्र प्रदेश की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचाया है।
अमेरिकी अदालत का खुलासा
अमेरिकी अदालत के आरोप पत्र में कहा गया है कि अडानी ने “फॉरेन ऑफिशियल 1” नामक एक उच्च सरकारी अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। यह बैठकें 7 अगस्त, 2021, 12 सितंबर, 2021, और 20 नवंबर, 2021 को हुई थीं। इस अवधि में वाईएस जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
हालांकि “फॉरेन ऑफिशियल 1” का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की फाइलिंग में कहा गया है कि अगस्त 2021 में अडानी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी।
टीडीपी ने इस मामले में वाईएसआरसीपी सरकार से जवाबदेही की मांग की है। अभी तक वाईएस जगन मोहन रेड्डी या वाईएसआरसीपी की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।