शुक्र है ‘कोलकाता’ नहीं बना इंदौर… एमवाय अस्पताल में रात में दरवाजा पीटता रहा नशेड़ी, चिल्लाती रही डॉक्टर

करीब तीन मिनट तक वह दरवाजा ठोंकता रहा और अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन वहां कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं आया। डरी-सहमी डॉक्टर बाहर निकलने की हिम्मत भी नहीं कर पा रही थी। फिर वह किसी तरह वहां से निकलकर भागी और चिल्लाई, तब मरीजों के स्वजन इकट्ठा हो गए।

घटना एमवाय अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर शनिवार रात करीब 12.30 बजे हुई। यहां नशे में धुत एक व्यक्ति ने महिला डीडीआर (डॉक्टर ड्यूटी रूम) में घुसने का प्रयास किया। जूनियर डॉक्टरों के मुताबिक उस समय केवल एक सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर था और वह भी सो रहा था। अलार्म बजाया, फिर भी वह नहीं उठा। बाद में डरी हुई डॉक्टर ने अपने सहकर्मियों को बुलाया और अन्य मरीजों के स्वजन बचाने के लिए आगे आए।

इसके बाद वह सुरक्षित रूप से बंद कमरे से बाहर निकल सकी। डॉक्टरों ने उस नशेड़ी व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। रात में ही एक शिकायत भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की गई।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति अस्पताल में किसी मरीज के साथ आया था। हालांकि रात तक डॉक्टरों ने पुलिस से कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की। डॉक्टरों ने बताया कि नशेड़ी अंदर घुस आया, इसका मतलब किसी भी व्यक्ति की अंदर आते समय जांच नहीं की जा रही है।

पीड़ित महिला डॉक्टर ने बताया कि मैं अपनी ड्यूटी पर थी। सहयोगी डॉक्टर किसी मरीज को देखने गए थे, इसलिए ड्यूटी रूम का दरवाजा बंद कर मैं अंदर थी। कुछ देर बाद जोर-जोर से दरवाजे ठोंकने की आवाज आने लगी। करीब तीन मिनट तक ऐसा होता रहा। इससे मैं काफी डर गई थी। फिर मुझे लगा कि दरवाजा टूटने वाला है, तो खोलकर बाहर निकली। वह व्यक्ति नशे में था।

महिला डॉक्टर ने कहा कि वो बात भी नहीं कर पा रहा था और चल भी नहीं पा रहा था। वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था। इसके बाद मैंने मदद के लिए आवाज लगाई, तो मरीजों के स्वजन आगे आए। सुरक्षाकर्मी काफी देर बाद आए और आकर भी सिर्फ खड़े रहे। आईसीयू से सहयोगियों को बुलाया, तब वहां पुरुष नर्स पहुंचे। जानकारी के अनुसार दरवाजा ठोंकने वाला व्यक्ति आलोक जैन बताया जाता है।

शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि स्वजन ड्यूटी रूम में डॉक्टर को बुलाने के लिए गया था। दरवाजा ठोंकने से महिला डॉक्टर डर गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। -डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक, एमवायएच

हमने एक वीडियो देखा है, लेकिन हमारे पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है। वीडियो देखने के बाद हमने महिला डॉक्टर से चर्चा भी की है। – हंसराज सिंह, 
डीसीपी, जोन तीन

एमवाय अस्पताल में एक शिफ्ट में 30 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। प्रवेश करने वाले सभी लोगों की जांच होती है। यदि सुरक्षाकर्मी सो रहा था, तो कार्रवाई की जाएगी। – अतुल मराठा, सुरक्षा सुपरवाइजर, एचएलएल

हमने जांच कमेटी बनाई है। जो 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यह कमेटी डॉ. धर्मेंद्र झंवर की अध्यक्षता में बनाई गई है, जिसमें एक महिला डॉक्टर को भी शामिल किया है। – डॉ. संजय दीक्षित, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

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