गरियाबंद के फिंगेश्वर में मंदिर तोड़फोड़ के आरोपियों ने जेल से रिहा होते ही ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसके बाद भड़की हिंसा में भीड़ ने आरोपियों के घर और गाड़ियां फूंक दीं।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के हथखोज गांव में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। करीब चार महीने पहले मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले अपराधी जेल से छूटते ही फिर हिंसक रूप से सक्रिय हो गए। उनके द्वारा ग्रामीणों पर किए गए हथियारों से हमले ने अब एक बड़े सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का फिंगेश्वर थाना क्षेत्र सोमवार को हिंसा की आग में झुलस उठा। जानकारी के मुताबिक, हथखोज गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प ने देखते ही देखते गंभीर रूप धारण कर लिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि गांव में बड़े पैमाने पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है।

इस पूरे तनाव की जड़ें करीब चार महीने पुराने एक विवाद से जुड़ी हुई हैं। उस समय इलाके में कुछ आपराधिक तत्वों द्वारा राहगीरों से लूटपाट और मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन्ही आरोपियों ने गांव के एक प्राचीन शिव मंदिर में भी तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था।
हाल ही में जब ये आरोपी जेल से रिहा होकर बाहर आए, तो उन्होंने सुधारने के बजाय बदला लेने की नियत से बकली गांव में शिकायतकर्ता और अन्य ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। हथियारों से लैस इन अपराधियों ने ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अपराधियों की इस हरकत ने शांतिपूर्ण गांव में सांप्रदायिक रंग ले लिया और दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए।

जैसे ही अपराधियों द्वारा किए गए हमले की खबर फैली, दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपियों के घरों को निशाना बनाया और उनमें आग लगा दी। चश्मदीदों के अनुसार, उग्र भीड़ ने न केवल मकानों को फूंका बल्कि वहां खड़े तीन से चार वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा तैयार किया और गांव में गश्त बढ़ा दी। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियों को मशक्कत करनी पड़ी, वहीं झड़प में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवाएं तैनात की गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। गांव के चप्पे-चप्पे पर सशस्त्र बल तैनात किया गया है ताकि हिंसा की कोई और वारदात न हो सके। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर दंगाइयों और हमलावरों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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