चार साल से इतराती 74 लाख की राशि, छात्र-छात्राओं का भविष्य बना सवाल: हाईस्कूल भवन का निर्माण नहीं

महासमुंद/ छात्र- छात्राओं के लिए स्कूल भवन न हो तो बच्चों को किन- किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा आप सहज ही लगा सकते है । एक ऐसा ही मामला महासमुंद जिले के ग्राम सोरिद में सामने आया है जहां 08 वर्ष पूर्व माध्यमिक स्कूल को हाईस्कूल में उन्नयन कर दिया गया और 04 वर्ष पूर्व भवन बनाने के लिए 74 लाख रुपये स्वीकृत हुवे ,पर आज तक भवन की नींव तक नही रखी गयी और बच्चे भवन के अभाव में पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर है । जहां बच्चे , पालक , प्रभारी प्राचार्य होने वाली दिक्कतों को मीडिया को बताते हुवे जल्द भवन बनाने की गुहार लगा रहे है ,वही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी अपना ही राग अलाप रहे है ।

महासमुंद मुख्यालय से दस किमी की दूरी पर है शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सोरिद ,जिसे शासन ने 2017 में उन्नयन करते हुवे इसे शासकीय हाईस्कूल कर दिया । वर्ष 2021-22 में हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 74 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी और कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग को बनाया गया ,पर आज 04 वर्ष बीत जाने के बाद भी हाईस्कूल भवन की नींव नही रखी गयी और बच्चे भवन के अभाव में पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर है । वर्तमान ने हाईस्कूल में कक्षा 6 वीं से लेकर 10 वीं तक के 270 बच्चे पढाई करते है । इस हाईस्कूल में घोघीबाहरा , बनसिवनी , कमारडेरा , चोरभट्टी एवं सोरिद गांव के बच्चे पढ़ने आते है । स्कूल में भवन , शौचालय , पानी , कम्प्यूटर आदि की सुविधा नही होने से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । बच्चो ने बताया कि भवन नही बनने से काफी परेशानी हो रही है ।

ग्राम सोरिद के पालक व स्कूल के प्रभारी प्राचार्य लगातार शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधियों से भवन बनाने की मांग कर रहे है ,पर आज तक कोई उचित कार्यवाही नही हुई ।

इस पूरे मामले जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दो बार टेंडर निरस्त हो गया था और अब तीसरी बार टेंडर में आज के अनुसार स्वीकृत राशि कम हो रही है जिसपर लोक निर्माण विभाग द्वारा दो कमरा कम बनाने की अनुमति मांगी है ।उम्मीद है जल्द ही निर्माण हो जायेगा ।

गौरतलब है कि चार वर्षों से तकनीकी समस्या बताकर भवन का निर्माण नही करना और जिम्मेदार शिक्षा विभाग का कुंभकर्णीय नींद में सोये रहना कहीं न कहीं दोनो विभाग के लापरवाही को उजागर करता है । बहरहाल देखना होगा कि अभी तक कितने साल में भवन का निर्माण हो पायेगा ।

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