कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर के रेप और वीभत्स मर्डर के मामले में बंगाल सरकार घिरती जा रही है।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने ऐसे कई सवाल दागे, जिनका जवाब देना बंगाल सरकार के लिए मुश्किल होगा। बेंच में शामिल जस्टिस जेबी पारदीवाला ने तो पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैंने अपने 30 साल के लीगल करियर में ऐसा मामला नहीं देखा। उन्होंने केस दर्ज होने में देरी, पोस्टमार्टम, मेडिकल की प्रक्रिया समेत कई चीजों को लेकर सवाल उठाए। इन सवालों के जवाब देने में बंगाल सरकार के पसीने छूट जाएंगे।

क्राइम सीन और सबूत सुरक्षित रात में क्यों किए गए, जबकि सुबह 10.10 बजे केस डायरी में अप्राकृतिक मौत की बात दर्ज है।

पीड़िता की लाश अस्पताल के सेमिनार हॉल से सुबह 5 बजे ही मिल गई थी। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों की। पुलिस को 10 बजे जानकारी दी गई।

इस केस में एफआईआर देर रात पौने 12 बजे अंतिम संस्कार के बाद क्यों दर्ज हुई। आखिर इतनी देर किस चीज का इंतजार किया गया।

क्राइम सीन और सबूत सुरक्षित रात में क्यों किए गए, जबकि सुबह 10.10 बजे केस डायरी में अप्राकृतिक मौत की बात दर्ज है। अदालत में इस सवाल का संतोषजनक जवाब बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल नहीं दे पाए।

सबूतों को सुरक्षित करने में देरी को लेकर सीबीआई ने भी अदालत में कहा कि मौका-ए-वारदात से छेड़छाड़ हुई है। एजेंसी ने कहा कि हमें इस केस की जांच 5 दिन बाद मिली, जबकि वहां पर बड़े पैमाने पर सबूतों से छेड़छाड़ की गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि पहले तो पैरेंट्स को बताया गया कि सुसाइड किया है। फिर उन्हें शव नहीं देखने दिया। इसके बाद जब पीड़िता के दोस्त वीडियोग्राफी की मांग कर रहे थे तो उसमें भी रोका गया। इससे कुछ गड़बड़ी का संकेत होता है।

एक बड़ा सवाल अदालत ने यह पूछा कि महिला अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। मेडिकल बोर्ड ने रेप की पुष्टि की। इसके बाद भी पोस्टमार्टम तक क्राइम सीन को सुरक्षित रखने का इंतजार क्यों किया गया।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जब आपने सुबह 10 बजे ही यह जानकारी पा ली कि अप्राकृतिक मौत है तो फिर क्राइम सीन सेफ क्यों नहीं किया। इसके लिए रात तक का इंतजार क्यों। यही नहीं जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि आपकी पुलिस ने जिस तरह से काम किया है, वह मैंने अपने 30 साल के लीगल करियर में नहीं देखा।

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