कलयुगी पिता की हैवानियत: 6 साल के मासूम को कुएं में डुबोकर मार डाला, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ मासूम की हत्या


रायगढ़ से दिल दहला देने वाली वारदात

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में एक कलयुगी पिता ने अपने ही 6 वर्षीय बेटे की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी पिता ने पहले मासूम को कुएं में फेंका और फिर खुद कुएं में उतरकर पानी में डुबो-डुबोकर उसकी जान ले ली।

घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


क्या है पूरा मामला?

एडिशनल एसपी अनिल सोनी के अनुसार—

  • आरोपी का नाम विनोद महेश्वरी (30 वर्ष) है
  • निवासी: वार्ड क्रमांक 15, ग्राम जामढोंढ़ी भदरापारा
  • मृतक: आरोपी का 6 वर्षीय पुत्र

परिवार के अनुसार, विनोद की पत्नी घरेलू विवाद के चलते अलग रह रही थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।


घटना कैसे सामने आई?

  • घटना रविवार 8 फरवरी की शाम करीब 6 बजे की है
  • आरोपी अपने छोटे बेटे के साथ घर के सामने देखा गया
  • अगले दिन सुबह आरोपी का भाई मनोज महेश्वरी कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने गया
  • तभी कुएं से आवाज आई – “मोटर बंद कर दो, वो अंदर है”

ग्रामीणों को बुलाने पर विनोद ने खुद स्वीकार किया कि उसने अपने बेटे को मारने की नीयत से कुएं में फेंककर हत्या की


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

  • सूचना मिलते ही लैलूंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची
  • आरोपी और बच्चे के शव को कुएं से बाहर निकाला गया
  • आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया।


कोर्ट में पेशी, जेल भेजा गया

  • आरोपी विनोद महेश्वरी को न्यायालय में पेश किया गया
  • अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया

SSP का बयान: समाज के लिए चेतावनी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा—

  • यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और अमानवीय है
  • किसी भी परिस्थिति में मासूम की हत्या अस्वीकार्य
  • मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद का समाधान हिंसा नहीं
  • ऐसे जघन्य अपराधों पर कठोर और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी

उन्होंने समाज से अपील की कि मानसिक तनाव के संकेतों को गंभीरता से लिया जाए


क्यों यह मामला बेहद गंभीर है?

  • मासूम बच्चे की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोरा
  • मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग की जरूरत पर सवाल
  • कानून व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी की अहमियत उजागर

रायगढ़ की यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि घरेलू तनाव और मानसिक असंतुलन को नजरअंदाज करना कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकता है। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन समाज को भी समय रहते संवेदनशील होना होगा।

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