महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। महाराष्ट्र में एक ही चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा।

झारखंड में दो चरणों में वोटिंग होगी। पहला राउंड 13 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 20 तारीख को होगा। उसी दिन महाराष्ट्र में भी वोटिंग होनी है। दोनों ही राज्यों के चुनाव नतीजे एक साथ ही 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। झारखंड के कई जिले नक्सल प्रभावित हैं और सुरक्षा की चिंताएं रहती हैं। इसी के चलते दो राउंड में मतदान कराने का फैसला लिया गया है। फिर भी यह बड़ा फैसला है क्योंकि 2019 में यहां 5 चरणों में मतदान कराया गया था। इन दोनों राज्यों के साथ ही 13 नवंबर को वायनाड लोकसभा सीट पर भी मतदान होगा। यह सीट राहुल गांधी के इस्तीफे से खाली हुई है।

महाराष्ट्र में लोकसभा उपचुनाव भी होना है। इसके लिए भी 20 नवंबर को एक साथ ही मतदान कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां 10 की बजाय कुल 9 विधानसभा सीटों पर ही उपचुनाव होगा। यूपी में अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव नहीं होगा। सभी 9 सीटों पर 13 नवंबर को मतदान करा लिया जाएगा और एक साथ ही 23 नवंबर को नतीजे आएंगे। कुल 47 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव 20 नवंबर को कराने का फैसला लिया गया है।

महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 145 है। वहीं झारखंड में 81 सीटें हैं और बहुमत का नंबर 42 है। महाराष्ट्र में 26 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं झारखंड में 5 जनवरी तक नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए ही नवंबर में चुनाव कराने का फैसला लिया है।

चुनाव आयुक्त ने कहा कि हम आदिवासी इलाकों और शहरों में स्लम में लोगों को प्रोत्साहित करेंगे कि वे मतदान के लिए ज्यादा से ज्यादा निकलें। लोकसभा चुनाव में हमने बस्तर में ऐसा प्रयास किया था और उसके अच्छे नतीजे आए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि झारखंड में कुल 2.6 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या 1.6 करोड़ है, जबकि 1.3 करोड़ से ज्यादा पुरुष मतदाता हैं। इस तरह झारखंड में महिला वोटर्स की संख्या पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है।

महाराष्ट्र में कुल 1 लाख 186 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से बूथ भी बनेंगे। इसके अलावा बूथों पर बुजुर्ग एवं महिला वोटर्स को वेटिंग के दौरान आराम के लिए बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। आपराधिक प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों को तीन बार मीडिया में अपने बारे में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा पार्टियों को भी बताना होगा कि आखिर उन्हें ही क्यों टिकट दिया जा रहा है।

चुनाव आयुक्त ने कहा कि हर तरह से निष्पक्ष चुनाव पर फोकस रहेगा। किसी भी तरह के प्रलोभन पर नजर रहेगी। मनी, मसल पावर पर लगाम कसी जाएगी। इसके अलावा नशे आदि पर भी रोक लगाने का प्रयास रहेगा। चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने कहा कि हमने तय किया है कि किसी भी मतदाता को 2 किलोमीटर से ज्यादा का सफर वोटिंग के लिए न करना पड़े। महाराष्ट्र और झारखंड की सीमाओं पर भी कड़ी चौकसी रखी जाएगी ताकि दूसरे राज्यों से कैश, नशे आदि की तस्करी न होने पाए।

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