कार्बन मोनोऑक्साइड
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ठंड से बचने के लिए जलायी गई सिगड़ी से निकली जहरीली गैस ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी और उनकी तीन साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार:
- कवल सिंह (28 वर्ष)
- पत्नी कुन्ती
- तीन वर्षीय बेटी ममता
तीनों प्रधानमंत्री आवास के एक कमरे में सो रहे थे। घर के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे।
ठंड से बचने के लिए दंपत्ति ने बंद कमरे के अंदर सिगड़ी में कोयला जलाया था। रात भर कमरे में धुआं भरता रहा, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।
सुबह खुला दर्दनाक सच
सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो तीनों अचेत पड़े थे। उन्हें उठाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत की वजह कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से दम घुटना है।
क्यों हुआ इतना बड़ा हादसा?
इस घटना के पीछे कुछ गंभीर कारण सामने आए:
- कमरे में कोई खिड़की या रोशनदान नहीं था
- कोयला जलाने से जहरीली गैस निकलती है
- बंद कमरे में गैस जमा हो गई
- परिवार को इसके खतरे की जानकारी नहीं थी
कार्बन मोनोऑक्साइड एक ऐसी गैस है जो:
- रंगहीन और गंधहीन होती है
- धीरे-धीरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी कर देती है
- व्यक्ति को नींद में ही बेहोश कर देती है
- समय रहते बचाव न हो तो मौत हो सकती है
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
- शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
- घटनास्थल का निरीक्षण किया गया
- मामले की जांच जारी है
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद कमरे में अंगीठी या सिगड़ी जलाकर न सोएं। यह जानलेवा साबित हो सकता है।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन साल की मासूम की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है।
कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए:
- बंद कमरे में कोयला या सिगड़ी न जलाएं
- कमरे में वेंटिलेशन जरूर रखें
- गैस हीटर का सुरक्षित उपयोग करें
- शक होने पर तुरंत दरवाजे-खिड़कियां खोलें
- चक्कर, सिरदर्द या उल्टी जैसा लगे तो तुरंत बाहर जाएं
यह हादसा एक कड़वी सीख है कि थोड़ी सी लापरवाही या जानकारी की कमी जानलेवा बन सकती है। सर्दियों में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।