सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध किसान को पड़ा भारी: राइस मिलर ने साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से पीटा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सिमगा तहसील के हथबंध थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खिलोरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव के एक वृद्ध किसान खोरबाहरा जायसवाल का बीते 1 अप्रैल की रात को अपहरण कर लिया गया और फिर राइस मिल संचालक रौनक अग्रवाल व उनके साथियों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। किसान की हालत इतनी गंभीर हो गई कि देर रात उसे मरणासन्न अवस्था में उसके घर के बाहर फेंक दिया गया। अब उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ने पर रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता जब अंबेडकर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से बातचीत करने का प्रयास किया, तो पाया गया कि वह बोलने तक की हालत में नहीं है। डॉक्टरों ने भी उसकी हालत को गंभीर और चिंताजनक बताया है।
अंबेडकर अस्पताल के सीएमओ डॉ. विनय वर्मा ने बताया, “किसान को काफी गंभीर चोटें आई हैं। अंदरूनी चोटों की आशंका है, जिसके लिए जांच की जा रही है। वह बोलने की स्थिति में नहीं है और हम उसे हर संभव इलाज दे रहे हैं।

किसान की बिगड़ती हालत की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित से मुलाकात कर डॉक्टरों से चर्चा की और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने घोषणा की कि सोमवार सुबह 11:30 बजे सिमगा तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उनकी मांग है कि राइस मिलर रौनक अग्रवाल और उसके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और राइस मिल को तोड़ दिया जाए, जिसने किसान के विरोध के चलते उसे अमानवीयता की हदें पार करते हुए बेरहमी से मारा।

पीड़ित किसान के बेटे दीपक जायसवाल ने बताया कि रौनक अग्रवाल गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रहा था, जिसका उनके पिता ने विरोध किया। इसी रंजिश के चलते 1 अप्रैल की रात 12 बजे जब उनके पिता किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी उन्हें अगवा कर लिया गया और रात 2 बजे तक बेरहमी से पीटकर घर के बाहर फेंक दिया गया। साथ में दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पहले उन्हें तिल्दा के मिशन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर रायपुर रेफर कर दिया गया।

घटना के बाद सिमगा तहसीलदार ने देर रात राइस मिल का वह हिस्सा ढहा दिया, जो सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बना हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी हिस्से का विरोध करने पर किसान को निशाना बनाया गया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित किसान को न्याय मिल पाता है या नहीं। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है और आंदोलन की तैयारी जोरों पर है।

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