बस्तर पंडुम 2026
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छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति, परंपरा और पहचान का सबसे बड़ा उत्सव बस्तर पंडुम 2026 अपने भव्य समापन समारोह के साथ इतिहास बन गया। इस खास मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी। जगदलपुर में आयोजित समापन समारोह में जनजातीय संस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया।
✈️ अमित शाह का बस्तर दौरा: रणनीति और संदेश दोनों
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार शाम रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। रविवार को उन्होंने रायपुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें बस्तर समेत पूरे राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद उन्होंने रायपुर में ही रुककर सोमवार सुबह जगदलपुर के लिए प्रस्थान किया।
यह दौरा सिर्फ सांस्कृतिक नहीं, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।
🔍 लाल आतंक के खिलाफ अंतिम रणनीति
रायपुर में हुई बैठक में नक्सल उन्मूलन (लाल आतंक) को लेकर अंतिम रणनीति पर मंथन किया गया।
- बस्तर डिवीजन को रणनीति का केंद्र बनाया गया
- सुरक्षा बलों की तैनाती और समन्वय पर चर्चा
- विकास और सुरक्षा को साथ लेकर चलने पर जोर
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक बस्तर को स्थायी शांति और विकास की ओर ले जाने में निर्णायक साबित हो सकती है।
🎭 बस्तर पंडुम 2026: संस्कृति का जीवंत उत्सव
समापन समारोह में बस्तर की जनजातीय परंपराएं पूरे वैभव के साथ मंच पर उतरीं।
कार्यक्रम में शामिल रहे:
- पारंपरिक नृत्य और लोकगीत
- आदिवासी वेशभूषा और रीति-रिवाज
- स्थानीय कला, शिल्प और लोक परंपराओं की झलक
बस्तर पंडुम 2026 ने यह साबित किया कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की आत्मा है।
👥 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आयोजन को छत्तीसगढ़ की पहचान बताते हुए कहा कि बस्तर की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आदिवासी समाज की भूमिका को राज्य के विकास की धुरी बताया।
🚨 जगदलपुर में चाक-चौबंद सुरक्षा
केंद्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए जगदलपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
- मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन
- कार्यक्रम स्थल के आसपास सीसीटीवी निगरानी
- पुलिस पेट्रोलिंग और अतिरिक्त बलों की तैनाती
प्रशासन ने वही सुरक्षा मानक लागू किए, जो हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर पंडुम उद्घाटन के दौरान अपनाए गए थे, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
🌱 संस्कृति और सुरक्षा का संतुलन
बस्तर पंडुम 2026 का समापन सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन का अंत नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि बस्तर अब परंपरा, विकास और सुरक्षा के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। अमित शाह और विष्णुदेव साय की मौजूदगी ने इस संदेश को और मजबूत किया।