अस्पताल सील
मुंगेली जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिले में संचालित गर्ग सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को नियमों के उल्लंघन के कारण अस्पताल सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। बिना डॉक्टर अस्पताल का संचालन किया जाना कानूनन अपराध है और मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाता है।
क्या है पूरा मामला?
जिला कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। यह जांच छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत की गई।
निरीक्षण टीम में शामिल थे:
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शीला साहा
- नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट डॉ. कमलेश कुमार
- नायब तहसीलदार हरीश यादव
जांच के दौरान पाया गया कि अस्पताल में कोई ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जबकि मरीजों का इलाज जारी था। यह नर्सिंग होम एक्ट का गंभीर उल्लंघन है।
पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी
जानकारी के अनुसार, 16 जनवरी को भी अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। उस समय भी चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए थे। तब संबंधित अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था और सुधार के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन:
- नियमों में कोई सुधार नहीं किया गया
- डॉक्टर की नियुक्ति सुनिश्चित नहीं की गई
- प्रशासन के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया
इन परिस्थितियों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल सील कर दिया।
क्यों है यह कार्रवाई महत्वपूर्ण?
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ी होती है। बिना डॉक्टर अस्पताल चलाना:
- मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है
- कानून का उल्लंघन है
- स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है
सीएमएचओ डॉ. शीला साहा ने स्पष्ट कहा कि जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि:
- बिना लाइसेंस या नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होगी
- औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे
- दोषी संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी
जिले के अन्य निजी अस्पतालों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे अपने दस्तावेज, स्टाफ और व्यवस्थाओं को नियमों के अनुरूप रखें।
आम जनता के लिए क्या है संदेश?
मरीज और उनके परिजन अस्पताल में इलाज के लिए भरोसा लेकर जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि:
- अस्पताल में योग्य डॉक्टर मौजूद हों
- सभी वैधानिक अनुमति और लाइसेंस अपडेट हों
- आपातकालीन सेवाएं व्यवस्थित हों
यदि किसी अस्पताल में अनियमितता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
मुंगेली में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले समय में और भी निरीक्षण और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।