वनराज अंडेकर के पिता बंडू आंदेकर की शिकायत के बाद पार्षद की दोनों बहनों संजीवनी और कल्याणी और बहनोई जयंत और गणेश को गिरफ्तार किया गया है। खबरों के मुताबिक वनराज आंदेकर ने पुणे नगर निगम के पार्षद के पद पर रहते हुए बहनों की एक दुकान के खिलाफ अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करने का आदेश दिया था। वनराज आंदेकर की कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आंदेकर पुणे नगर निगम को राज्य सरकार के प्रशासक के अधीन लाए जाने से पहले पार्षद थे। वे एनसीपी के अजित पवार के नेतृत्व वाले खेमे के सदस्य थे।
एनडीटीवी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा के हवाले से बताया, “चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वे उनकी बहनें और बहनोई हैं। एफआईआर में 10 लोगों के नाम हैं और पांच अज्ञात आरोपियों का उल्लेख है। हमारी टीम अन्य आरोपियों की तलाश कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना संपत्ति विवाद के कारण हुई। कई मुद्दों पर गौर किया जाना है और जांच से तथ्य सामने आएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें कल सुबह एक शिकायत मिली जिसमें कहा गया था कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। चूंकि यह पारिवारिक मामला था इसलिए उन्हें समझाकर घर भेज दिया गया। और फिर रात में यह घटना हुई। मामले की जांच की जा रही है और जांच से यह पुष्टि होगी कि हमले के पीछे यही कारण था।” उन्होंने कहा कि एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि सुबह झगड़े के दौरान बहनों में से एक ने चिल्लाते हुए कहा, “उसे मार दो।” वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस जानकारी की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले वनराज आंदेकर की कल रात पुणे के नाना पेठ इलाके में एक खौफनाक हमले में हत्या कर दी गई। सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज में छह दोपहिया वाहनों पर सवार कम से कम 12 लोग आंदेकर तक पहुंचते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। उस समय पूर्व पार्षद अकेले थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त शर्मा ने कहा, “वनराज आंदेकर पर पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। उन पर धार वाली दरांती से भी हमला किया गया। उन्हें मृत अवस्था में केईएम अस्पताल लाया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आंदेकर को कई धारदार हथियारों से चोटें आई हैं।” उन्होंने कहा कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पूरी तस्वीर सामने आएगी।