केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। सरकार ने सदन में जानकारी दी है कि अब सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर साल एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने काम के अनुसार योग्यता-आधारित कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा। यह कोर्स उनके सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APAR) में भी दिखाई देगा, जिससे उनके अप्रेजल के निर्धारण में यह एक अहम फैक्टर बन सकता है।
क्या है IGOT पोर्टल?
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि अब सभी केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग (IGOT) पोर्टल पर अपनी भूमिका और स्तर के अनुसार निर्धारित योग्यता-आधारित कोर्स पूरा करें। इसके अलावा, कर्मचारियों को अपने संबंधित मंत्रालयों, विभागों या संगठनों द्वारा तय किए गए व्यापक मूल्यांकन भी पूरे करने होंगे। इन कोर्स और मूल्यांकन के परिणाम उनकी सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे। यह बदलाव कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और समग्र बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
क्या होगा प्रभाव?
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की निरंतर ट्रेनिंग और कौशल सुधार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, यह कोर्स कर्मचारियों की सालाना अप्रेजल रिपोर्ट में दिखाई देंगे, जिससे उनके प्रमोशन, इन्क्रीमेंट और अन्य लाभों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कदम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कार्य में गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है।
आठवें वेतन आयोग का इंतजार
केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। केंद्र सरकार ने पिछले साल जनवरी में 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था, और नवंबर 2025 तक इसके गठन के बाद 18 महीने का समय आयोग को सरकार को सिफारिशें सौंपने के लिए दिया गया था। ऐसा अनुमान है कि सिफारिशें 2027 के पहले छमाही में सरकार को मिल सकती हैं, जिसके बाद 1 जनवरी 2026 से बैकडेट में वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर के रूप में बड़ी रकम मिलने की संभावना है।
8वें वेतन आयोग की अहम बैठक
आठवें वेतन आयोग की टीम 24 अप्रैल, 2026 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का दौरा करेगी। आयोग ने 30 मार्च को एक आधिकारिक सूचना जारी करते हुए कहा कि केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थाओं, यूनियनों और संघों सहित वे सभी हितधारक जो बैठक में भाग लेना चाहते हैं, वे 10 अप्रैल, 2026 से पहले अपनी अपॉइंटमेंट का अनुरोध जमा कर सकते हैं।