धान खरीदी प्रभारी बर्खास्त
धान में रेत मिलाकर गबन करने वाले खरीदी केन्द्र प्रभारी को बर्खास्त किया गया
रायपुर, छत्तीसगढ़: बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने धान में रेत मिलाकर हेराफेरी करने वाले धान खरीदी केन्द्र प्रभारी लीलाराम सेन को बर्खास्त कर दिया है। यह कड़ी कार्रवाई जिले के निपनिया धान उपार्जन केन्द्र में उपार्जित धान में रेत, कंकड़ और धूल-मिट्टी मिलाने के मामले में की गई है।
वायरल वीडियो और जांच
मामला तब सामने आया जब 8 मार्च 2026 को वायरल हुए एक वीडियो में धान उपार्जन केन्द्र के कर्मचारियों द्वारा उपार्जित धान में रेत मिलाने की जानकारी मिली। इसके बाद संयुक्त जांच दल ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि लीलाराम सेन, जो कि धान खरीदी प्रभारी थे, ने 5300 कट्टों में 2-3 किलो रेत मिलाया था। इससे लगभग 132 क्विंटल धान का गबन किया गया।
जांच रिपोर्ट और कार्रवाई
जांच दल ने पाया कि निपनिया धान उपार्जन केन्द्र में कुल 137.20 क्विंटल अतिरिक्त धान पाया गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रेत मिलाने से उपार्जित धान का वजन बढ़ाया गया था और इसके जरिए व्यक्तिगत लाभ के लिए गबन किया गया था।
प्रभारी की बर्खास्तगी
जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त सहकारिता ने धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की। छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55(1) के तहत उनकी सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई। इसके बाद, प्राधिकृत अधिकारी द्वारा लीलाराम सेन को सेवा से पृथक कर दिया गया और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
कड़ी कार्रवाई से प्रशासन का संदेश
यह कड़ी कार्रवाई प्रशासन द्वारा धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए की गई है। इस कदम से यह संदेश जाता है कि अब किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी और गबन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर इस बात को साबित करती है कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था भ्रष्टाचार और गबन के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है और भविष्य में इस प्रकार की कोई भी अनियमितता नहीं बर्दाश्त की जाएगी।