कांकेर जिले में उफनते नदी-नाले, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर एनीकेट पार कर रहे

कांकेर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है. लेकिन कांकेर जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. शुक्रवार रात से जारी बारिश के बाद कोयलीबेड़ा क्षेत्र की मेढ़की नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. नदी पर बना एनीकेट पानी से लबालब भर गया है और तेज बहाव के कारण कोयलीबेड़ा के उस पार बसे दर्जनभर से अधिक गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है.

इन गांवों के ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मेढ़की नदी पार कर कोयलीबेड़ा आना पड़ता है, लेकिन दो दिन से नदी में तेज पानी होने के कारण आवागमन ठप था. शनिवार को ग्रामीण जान जोखिम में डालकर एनीकेट के ऊपर से गुजरते हुए किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए निकलते दिखे. गौरतलब है कि यहां पिछले दो साल से पुल का निर्माण चल रहा है, जो अब तक अधूरा है. हर साल बरसात में यही समस्या दोहराई जाती है.

दुर्गूकोंदल में भी आवागमन बंद इधर, दुर्गूकोंदल क्षेत्र में भी लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के अंतर्गत ग्राम भुसकी में पड़गाल नाला में बाढ़ आने से सड़क पारा भुसकी और स्कूल पारा भुसकी के बीच आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है.

यही मार्ग खेड़ेगांव, करकझार और स्कूल पारा भुसकी के ग्रामीणों और बच्चों के लिए ब्लॉक मुख्यालय दुर्गूकोंदल तक पहुँचने का एकमात्र साधन है. कई बच्चे इसी रास्ते से दुर्गूकोंदल पढ़ने जाते हैं और शिक्षक भी यहीं से गुजरकर पढ़ाने पहुँचते हैं. बाढ़ के कारण सभी का आना-जाना ठप हो गया है, जिससे ग्रामीणों और छात्रों की परेशानियां बढ़ गई हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *