कसेकेरा में श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का दूसरा दिन हुआ भक्तिमय, संतों और कथाकारों की कृपा से श्रद्धालुओं ने अनुभव किया आध्यात्मिक आनंद

श्रीराम चरित मानस महायज्ञ


कसेकेरा में श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का दूसरा दिन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भक्तिमय और आनंदपूर्ण रहा। ब्रह्म लीन संत श्री 108 संत सिया भुनेश्वरी शरण ब्यास महाराज के सुक्ष्म सानिध्य में और संत संत गोवर्धन शरण ब्यास महाराज के आशीर्वाद से यज्ञ का शुभारंभ सुबह पूजा और हवन के साथ किया गया।


सुबह का यज्ञ और हवन

  • दिन की शुरुआत पूजा और हवन से हुई।
  • संतों की कृपा और आशीर्वाद से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
  • उपस्थित श्रद्धालुओं ने ध्यान और भक्ति के माध्यम से यज्ञ में भाग लिया।

भगवान शंकर विवाह पर राम कथा

सुबह के सत्र में:

  • अतिथि द्रोप्ति मानस परिवार अछोला महासमुंद ने भगवान शंकर के विवाह पर सुंदर और मार्मिक राम कथा सुनाई।
  • कथा के दौरान सभी श्रोता मंत्रमुग्ध होकर सुनते दिखाई दिए।
  • कथा ने भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव और नित्य कर्मों के महत्व का संदेश दिया।

संध्या में जय दुर्गा मानस मंडली का आयोजन

संध्या के समय:

  • जय दुर्गा मानस मंडली कसेकेरा ने भगवान गणेश के जन्म पर कथा सुनाई।
  • इस आयोजन की सराहना गाँव के अध्यक्ष गिरधारी यादव, भूतपूर्व सचिव पंचराम दिवान, खेलवन दिवान, टेमन दीवान, नीरज यादव और समस्त ग्रामवासियों ने की।

रात्रि कालीन श्री बाल कृष्ण लीला

  • रात में श्री बाल कृष्ण लीला मंडली खदोड़ा बोडला कबीर धाम द्वारा बाल कृष्ण की लीला प्रस्तुत की गई।
  • लीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अत्यंत भावविभोर कर दिया।
  • प्रस्तुतियों में कथा, गीत और नाट्य शैली का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।

श्रद्धालुओं की उपस्थिति और भावपूर्ण माहौल

  • रविवार होने के कारण सद्भावना कर्मचारी ग्रुप कसेकेरा के लगभग सभी सदस्य उपस्थित रहे।
  • आसपास के ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यज्ञ और कार्यक्रम को और भी भक्तिमय बना दिया।
  • दिनभर का कार्यक्रम भक्ति, आनंद और आध्यात्मिक सीख का सुंदर संगम साबित हुआ।

कसेकेरा में श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का यह दूसरा दिन न केवल आध्यात्मिक आनंद और भक्ति का अवसर बना, बल्कि सामुदायिक सहभागिता और श्रद्धा की भावना को भी प्रगाढ़ किया। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने संतों, कथाकारों और मंडलियों के माध्यम से श्रीराम चरित मानस की शिक्षाओं का अनुभव किया।

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