कर्ज में डूबी सरकारी टेलिकॉम कंपनी (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) बड़े बुरे दौर से गुजर रही है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने बकाया भुगतान नहीं करने पर सरकारी दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल के सभी खातों पर रोक लगा दी है. महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी को लोन नहीं चुकाने पर उसके सभी खातों पर रोक लगाने की 21 अगस्त को जानकारी दी.
दूरसंचार कंपनी ने कहा, ‘‘आपको सूचित किया जाता है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 21 अगस्त के अपने लेटर के जरिये एमटीएनएल को सूचित किया है कि उसका खाता 12 अगस्त, 2024 से एनपीए में डाल दिया गया है. इस वजह से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ हमारे सभी खाते अपने-आप ही फ्रीज हो गए हैं.’’
इससे पहले जुलाई में एमटीएनएल के शेयरों ने जबरदस्त तेजी दिखाई. महज 42 रुपये से चढ़कर इसका भाव 101 रुपये तक चला गया यानी एक महीने में पैसा दोगुना से ज्यादा हो गया. लेकिन, 29 जुलाई के बाद एमटीएनएल के शेयरों में लगातार गिरावट आई और अब यह 60 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है.
दूरसंचार कंपनी ने इन बैंकों से कुल 5,573.52 करोड़ रुपये का लोन लिया था. घाटे में चल रही दूरसंचार कंपनी ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 7,873.52 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और कंपनी का कुल ऋण 31,944.51 करोड़ रुपये है. अगस्त की शुरुआत में एमटीएनएल ने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि उसने 422.05 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज भुगतान में चूक की है.
एमटीएनएल द्वारा साझा किए गए विवरण के मुताबिक, उसने लिए गए कर्जों पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 155.76 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक को 140.37 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ इंडिया को 40.33 करोड़ रुपये, पंजाब एंड सिंध बैंक को 40.01 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक को 41.54 करोड़ रुपये और यूको बैंक को 4.04 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है.