बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही हैं।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही हैं। खबरें हैं कि अब उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। हसीना के अलावा कई और लोगों का नाम भी इसमें शामिल है। मुल्क में बीते कुछ सप्ताह से हिंसा का दौर जारी है, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। खुद हसीना को भी बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हसीना समेत 6 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। यह केस ढाका के मोहम्मदपुर इलाके में 19 जुलाई को हुई पुलिस गोलीबारी से जुड़ा है, जिसमें किराने की दुकान चलाने वाले अबू सईद की मौत हो गई थी। कहा जा रहा है कि कई अज्ञात शीर्ष पुलिस अधिकारियों और सरकारी अफसरों का नाम भी शामिल है।

हसीना के अलावा आरोपियों में आवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर, पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमान खान कमाल, पूर्व पुलिस IG चौधरी अब्दुल्लाह अल ममून, पूर्व डीबी प्रमुख हरुनोर राशिद, पूर्व डीएमपी आयुक्त हबीबुर रहमान और पूर्व डीएमपी अधिकारी बिप्लब कुमार सरकार का नाम भी शामिल है। मोहम्मदपुर के रहने वाले आमिर हमजा शतील ने शिकायत दर्ज कराई है। इसपर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

नौकरी में आरक्षण की विवादास्पद व्यवस्था को लेकर अपनी अवामी लीग की सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद पिछले सप्ताह इस्तीफा देकर भारत भाग गईं 76 वर्षीय हसीना के खिलाफ दर्ज किया गया यह पहला मामला है। सईद की आरक्षण आंदोलन के समर्थन में 19 जुलाई को निकाले गए जुलूस के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई थी।

बांग्लादेश में पांच अगस्त को हसीना सरकार के गिरने के बाद देशभर में भड़की हिंसा की घटनाओं में 230 से अधिक लोग मारे गए है। जुलाई के मध्य में पहली बार कोटा विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के बाद से इस हिंसा में मरने वालों की कुल संख्या 560 हो गई है। हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है और 84 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को इसका मुख्य सलाहकार बनाया गया है। यूनुस ने पिछले सप्ताह अपने 16-सदस्यीय सलाहकार परिषद के विभागों की घोषणा की।

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