जिस कुत्ते ने काटा, उसी के पक्ष में खड़ी हुई पीड़िता! सुप्रीम कोर्ट में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर भावुक बयान

स्ट्रीट डॉग्स


देश में स्ट्रीट डॉग्स (आवारा कुत्तों) को लेकर बहस एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। कुत्तों के बढ़ते हमलों और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर चल रही सुनवाई के बीच मंगलवार को अदालत में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी को चौंका दिया। कुत्ते के काटने का शिकार हुई एक महिला खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और हमलावर कुत्ते का बचाव किया।

पीड़िता का चौंकाने वाला बयान

सुनवाई के दौरान महिला ने कहा कि:

  • उन्हें भी एक स्ट्रीट डॉग ने काटा था
  • लेकिन उन्होंने इसे केवल एक “हमला” मानकर छोड़ नहीं दिया
  • वह यह जानने की कोशिश में जुट गईं कि
    👉 कुत्ते ने बिना उकसावे के ऐसा क्यों किया?

जांच के बाद जो बात सामने आई, उसने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया।

“कुत्ता नहीं, इंसानी क्रूरता जिम्मेदार”

पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि:

  • जिस कुत्ते ने उन्हें काटा
    👉 उसके साथ लंबे समय से क्रूरता की जा रही थी
  • स्थानीय लोग उसे
    👉 लात मारते थे
    👉 पत्थर फेंकते थे
    👉 डराने और भगाने की कोशिश करते थे

महिला ने कहा:

“एक मिलनसार कुत्ता भी जब लगातार डर और हिंसा झेलता है, तो उसके भीतर भय पैदा होता है। यही भय बचाव में आक्रामकता को जन्म देता है।”

डर से जन्म लेती है आक्रामकता

पीड़िता के अनुसार:

  • कुत्ते ने
    👉 डिफेंसिव एग्रेसन (Defensive Aggression) दिखाई
  • यह हमला
    👉 जानबूझकर नहीं, बल्कि डर की प्रतिक्रिया था
  • उन्हें
    👉 किसी और की क्रूरता का खामियाजा भुगतना पड़ा

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि:

  • कुत्तों की आबादी और आक्रामकता को नियंत्रित करना जरूरी है
  • लेकिन इसका हल हिंसा या हटाने में नहीं, बल्कि
    👉 वैज्ञानिक और मानवीय तरीकों में है

ABC नियमों पर फिर उठा सवाल

महिला ने कोर्ट में यह भी कहा कि:

  • ABC (Animal Birth Control) नियमों को
    👉 अगर सही तरीके से लागू किया जाए
    👉 तो कुत्तों की संख्या और आक्रामकता दोनों कम हो सकती हैं

गौरतलब है कि:

  • 8 जनवरी की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने
    👉 ABC नियमों को सही से लागू न किए जाने पर चिंता जताई थी
  • अदालत ने स्पष्ट किया था कि
    👉 उसने सभी स्ट्रीट डॉग्स को हटाने का कोई निर्देश नहीं दिया है
    👉 बल्कि ABC नियमों के तहत समाधान की बात कही है

पशु प्रेमियों की ओर से पक्ष

इस मामले में:

  • पशु प्रेमियों और एनिमल राइट्स संगठनों की ओर से
    👉 सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए
  • उन्होंने कोर्ट को बताया कि
    👉 समस्या का समाधान संतुलन और संवेदनशीलता से होना चाहिए

मामला क्यों है अहम?

यह सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • एक ओर
    👉 नागरिकों की सुरक्षा का सवाल है
  • दूसरी ओर
    👉 जानवरों के अधिकार और मानवीय व्यवहार का मुद्दा

पीड़िता का यह बयान इस बहस को एक नई दिशा देता है कि:

  • हर डॉग अटैक सिर्फ “खतरा” नहीं
  • बल्कि कई बार
    👉 मानव व्यवहार का नतीजा भी हो सकता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *