पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा है। लोग तरह-तरह से विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं। इस बीच पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी से जुड़ीं कुछ ऐसी बातें बताई हैं जिन्हें सुनकर कोई भी इंसान भावुक हो सकता है।

द गार्जियन के साथ एक इंटरव्यू में पिता ने कहा कि वे एक गरीब परिवार से हैं और उनकी बेटी का पालन-पोषण बहुत मुश्किलों से हुआ था। पिता ने कहा, “मेरी बेटी ने डॉक्टर बनने के लिए बहुत मेहनत की थी। उसने बस पढ़ाई, पढ़ाई और सिर्फ पढ़ाई की… हमारे सारे सपने एक रात में ही टूट गए। हमने तो उसे काम पर भेजा था और अस्पताल ने हमें उसकी लाश थमा दी। हमारे लिए सब खत्म हो गया।” उन्होंने कहा, “मेरी बेटी वापस नहीं आएगी। मैं कभी उसकी आवाज नहीं सुन पाऊंगा और न ही कभी हंस पाऊंगा। अब मैं बस उसे न्याय दिलाने पर ध्यान लगा सकता हूं।”

9 अगस्त को कोलकाता में सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में हत्या से पहले रेप की पुष्टि हुई है। अगले दिन इस अपराध के सिलसिले में एक नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया। डॉक्टर के साथ बलात्कार हुआ और फिर उसकी हत्या कर दी गई। उसके बाद अधिकारियों द्वारा मामले को जिस तरह से हैंडल किया गया, उसके कारण पूरे भारत में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की है।

पीड़िता के पिता ने बताया कि डॉक्टरी में करियर बनाना उनकी इकलौती बेटी का आजीवन सपना था। 31 साल की उम्र में, उसने भारत के मेडिकल कॉलेजों में लगभग 107,000 सीटों में से एक को सुरक्षित करने के लिए तमाम बाधाओं को पार किया। पैरेंट्स ने अपनी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत की। लड़की के पिता दर्जी हैं। इसी से जो कमाई हुई उसी के सहारे बेटी को पढ़ाया। पिता ने याद करते हुए कहा, “मेरी बेटी कहती थी कि ‘पापा, डॉक्टर बनना और दूसरों की मदद करना अच्छी बात है। आप क्या सोचते हैं?’ मैंने कहा: ‘ठीक है, ऐसा करो। हम तुम्हारी मदद करेंगे।’ और अब देखिए क्या हुआ।”

इस बीच आरोपी की सास ने इक घटना में और लोगों के शामिल होने का दावा किया है। उसका कहना है कि संजय रॉय अकेले ऐसा नहीं कर सकता था। सोमवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सास ने कहा कि उसकी बेटी और संजय रॉय के साथ रिश्ते तनावपूर्ण थे। उसने कहा कि संजय रॉय ने उसकी बेटी की पिटाई की, जिसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

महिला ने कहा, “मेरे और संजय के रिश्ते भी बहुत तनावपूर्ण थे।” उन्होंने आगे कहा, “शुरू में 6 महीने तक सब कुछ ठीक रहा। जब मेरी बेटी 3 महीने की गर्भवती थी, तो उसने गर्भपात करवा दिया। उसने उसे पीटा और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बाद मेरी बेटी बीमार रहने लगी, मैंने उसकी दवाइयों का सारा खर्च उठाया। संजय अच्छा नहीं था। उसे फांसी पर लटका दो या जो चाहो करो। मैं अपराध के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी। वह अकेले ऐसा नहीं कर सकता। वह अकेले ऐसा नहीं कर सकता।”

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