AIIMS रायपुर
AIIMS रायपुर में स्टाफ की कमी से परेशान मरीज, राज्यसभा सांसद ने उठाया गंभीर मुद्दा
रायपुर, छत्तीसगढ़: एम्स रायपुर में मरीजों को समय पर इलाज न मिल पाने का मुद्दा अब संसद में गूंज रहा है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने मंगलवार को इस गंभीर समस्या को लेकर शून्यकाल के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि AIIMS रायपुर में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की भारी कमी के कारण मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या का विवरण:
- डॉक्टरों की भारी कमी:
- AIIMS रायपुर में कुल 305 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 190 डॉक्टर कार्यरत हैं। इसका मतलब है कि 115 पद खाली पड़े हैं।
- गंभीर बीमारियों जैसे कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग में सबसे ज्यादा कमी देखी जा रही है।
- इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है, और इलाज में देरी हो रही है।
- सहायक स्टाफ की कमी:
- नर्सिंग, तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कुल 3,884 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 2,387 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी 1,497 पद खाली हैं।
- इससे अस्पताल के अन्य विभागों में भी दबाव बढ़ गया है, जिसके कारण OPD में लंबी कतारें और ऑपरेशन में देरी हो रही है।
समस्या का असर:
एम्स रायपुर जैसे प्रमुख संस्थान में डॉक्टरों और सहायक स्टाफ की कमी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि जब गंभीर मरीजों को भर्ती कराने की आवश्यकता होती है, तब कई बार बेड उपलब्ध नहीं होते। मरीजों को खाली हाथ वापस भेज दिया जाता है, जो बेहद चिंताजनक है।
राज्यसभा में उठाए गए सवाल:
सांसद नेताम ने सरकार से मांग की कि शीघ्र ही रिक्त पदों को भरा जाए और बेड क्षमता को बढ़ाया जाए। अगर जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा।
सांसद ने दी सख्त चेतावनी:
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि अगर इस मुद्दे पर शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो यह आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। अस्पतालों में इलाज में देरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से मरीजों की हालत और भी बिगड़ सकती है।
उम्मीदें और समाधान:
- रिक्त पदों की शीघ्र भराई
- बेड क्षमता में वृद्धि
- सरकारी निगरानी का कड़ा इंतजाम
सांसद ने सरकार से इन मांगों पर जल्द ध्यान देने की अपील की है ताकि AIIMS रायपुर की सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके और मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल सके।