‘मेरी तरफ से कोई रोक नहीं, लेकिन…’, मीरवाइज को घर से निकलने देने के सवाल पर LG का जवाब

जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ‘पंचायत आजतक’ के मंच पर उपराज्यपाल मनोल सिन्हा उपस्थित हुए. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर पूछे गए तमाम सवालों के जवाब दिए. इनमें से ही एक सवाल था कि क्या आजतक के इस मंच पर हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक को बोलने और अपनी बात रखने की आजादी प्रशासन की तरफ से दी जाएगी? इसके जवाब में एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, ‘मीरवाइज साहब पर कोई रोक नहीं है. अगर एजेंसियां यह सलाह देती हैं कि उनको खतरा है और उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए तो बात अलग है.’

मनोज सिन्हा ने कहा, ‘मीरवाइज उमर फारूक आजतक के इस कार्यक्रम में आ पाएंगे या नहीं, यह आपको उन्हें और उनकी सिक्योरिटी में लगे हुए लोगों को तय करना है. मेरी तरफ से कोई रोक नहीं है. सिर्फ उन्हीं पर नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक या धार्मिक आदमी पर कोई प्रतिबंध नहीं है. हां उन लोगों पर जरूर प्रतिबंध है जो भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं. इस तरह के लोगों पर प्रतिबंध है और यह जारी रहेगा.’ बता दें कि मीरवाइज उमर फारूक को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से ठीक पहले उनके घर में नजरबंद किया गया था. उन्हें केवल कुछ मौकों के लिए अपने आवास से बाहर जाने की अनुमति मिलती रही है. 

रियल स्टेट और हेल्थ सेक्टर को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोज सिन्हा ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि जम्मू-कश्मीर में रियल स्टेट सेक्टर में इन्वेस्टमेंट आ गया है. एक समिट हुई थी, जिसमें कानूनी पेचीदगियां थीं. अभी तक न्यूनतम इन्वेस्टमेंट आया था. श्रीनगर में तीन नए मेडिकल कॉलेज बन गए हैं. जम्मू में अपोलो और मेदांता भी काम शुरू करने वाले हैं. इसमें देरी प्रक्रिया के दोष के कारण हुई, जिसे दूर कर लिया गया है. जल्द ही काम शुरू होगा.’ पिछले पांच साल में जम्मू-कश्मीर में बने मेडिकल कॉलेज और एम्स के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पांच लाख रुपये इलाज के लिए सबको मिलता है, यह जम्मू-कश्मीर में ही संभव है.

राहुल गांधी ने अपने हाल के जम्मू-कश्मीर दौरे पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उपराज्यपाल को यहां का राजा बना दिया गया है. इस सवाल पर मनोज सिन्हा ने कहा, ‘जनता की राय ले लें, राहुल गांधी के दिमाग के दरवाजे खुल जाएंगे. सीक्रेट बैलट करा लें, अगर जम्मू-कश्मीर की 75 फीसदी से अधिक जनता ने ये नहीं कहा कि पिछले पांच साल में उनकी भलाई के लिए काम हुआ है तो मैं यहां से चला जाऊंगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालयों पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं, ये ठीक नहीं है. कीचड़ में पत्थर गिरता है तो छींटे खुद पर ही पड़ते हैं. लोगों को इस तरह की बातों से बचना चाहिए.

बता दें कि में शिरकत करने वाली हस्तियों से अलग-अलग सत्रों के दौरान राजनीतिक मुद्दों और जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला जैसी प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी. साथ ही केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी. 

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक, पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन, पीडीपी की नेता और अभियान प्रभारी इल्तिजा मुफ्ती,के स्टार प्रचारक अबरार राशिद, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी, जम्मू-कश्मीर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ‘पंचायत आजतक’ के अलग-अलग सेशंस में शिरकत करेंगे.

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