सफर में पसरा सन्नाटा, इस वंदे भारत को नहीं मिल रहे यात्री; रेलवे ने उठा लिया यह कदम

देश की सबसे लोकप्रिय ट्रेन वंदे भारत को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह रहता है। हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वंदे भारत ट्रेन उनके शहर से होकर गुजरे, ताकि वे इस हाई-स्पीड ट्रेन की यात्रा का आनंद ले सकें। हालांकि, कुछ रूट ऐसे भी हैं जहां वंदे भारत ट्रेन को अपेक्षित यात्री नहीं मिल रहे हैं। ऐसे ही एक रूट पर चलने वाली मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस की सीटें अक्सर खाली रहती हैं। यात्रियों की कमी से जूझ रही इस ट्रेन के लिए रेलवे ने एक खास योजना बनाई है। रेलवे प्रशासन ने इस ट्रेन को वाराणसी तक विस्तारित करने का फैसला लिया है और इसके लिए कार्य शुरू कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य न केवल यात्रियों की संख्या बढ़ाना है, बल्कि ट्रेन की क्षमता का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल को प्रस्तावित विस्तार पर एक सर्वेक्षण कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

मेरठ-लखनऊ वंदे भारत को पहले मिला था अच्छा रिस्पॉन्स
वंदे भारत एक्सप्रेस को मेरठ और लखनऊ के बीच शुरू किए जाने के बाद शुरुआती दिनों में यात्रियों का अच्छा रेस्पॉन्स मिला था। लेकिन अब रेलवे को इस रूट पर असंतुलित यात्री संख्या के कारण आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ से मेरठ जाने वाली ट्रेन में यात्री संख्या ठीक है, लेकिन मेरठ से लखनऊ लौटने वाले यात्रियों की संख्या कम हो रही है। इस कारण रेलवे ने ट्रेन को वाराणसी तक बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि इस ऐतिहासिक और धार्मिक शहर तक यात्री संख्या में इजाफा हो सके।

मेरठ-लखनऊ वंदे भारत को नहीं मिल रहे यात्री
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि वाराणसी तक विस्तार से न केवल ट्रेन की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। लखनऊ मंडल द्वारा तैयार की जाने वाली फिजिबिलिटी रिपोर्ट में इस विस्तार से होने वाले आर्थिक और यात्री लाभों का मूल्यांकन किया जाएगा। मौजूदा वक्त में गाड़ी संख्या 22490 वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार और एग्जिक्यूटिव क्लास में सीटों की उपलब्धता यात्रा मांग में कमी को दर्शाती है। 12 से 15 दिसंबर के बीच चेयरकार में क्रमशः 343, 353, 347, और 324 सीटें खाली हैं। वहीं, एग्जिक्यूटिव क्लास में 18, 32, 28, और 5 सीटें खाली हैं। चेयरकार का किराया 1355 रुपये है जबकि एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 2415 रुपये है।

वाराणसी तक विस्तार से ट्रेन को धार्मिक और पर्यटन यात्रियों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। वाराणसी के अलावा, इस रूट पर पड़ने वाले अन्य शहर भी इस सेवा से लाभान्वित होंगे। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस कदम से राजस्व में सुधार होगा और वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता को और बढ़ावा मिलेगा। रेलवे को उम्मीद है कि वाराणसी तक विस्तार यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा प्रदान करना है।

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