हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की शांत वादियों में आजकल थोड़ा बहुत तनाव चल रहा है

संजौली में मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर उपजे विवाद के बाद यहां पर पुलिस का पहरा बढ़ाया गया है. बंदूकों से लैस पुलिस कर्मचारी संजौली और आसपास तैनात किए गए हैं. हालांकि, विवाद उठने के बाद से ही यहां किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई है. केवल शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट किया गया है.

शनिवार को भी यहां पर शांति छाई थी. न्यूज 18 की टीम ने ग्राउंड पर जाकर यहां हालात का जायजा लिया. इस दौरान मस्जिद के आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों से भी बात की. यहां की स्थानीय निवासी संगीता सूद ने बताया कि आज शांति है और माहौल ठीक है. उन्होंने कहा कि जिस दिन नमाज होती है, उस दिन यहां से क्रॉस करना मुश्किल होता है. केवल उस दिन परेशानी होती है. संगीता कहती है कि पहले कम लोग आते थे. सैकड़ों के बाद अब यहां पर हजारों लोग आते हैं. जब ये आते हैं तो यहां भी ये लोग दुकानें लगाकर बैठते हैं. उस समय महिलाओं और लड़कियों को परेशानी होती है. स्थानीय लोग चाहते हैं कि मस्जिद हटाई जाए.

मस्जिद के बिलकुल साथ रहने वाले श्याम लाल भाटिया ने कहा कि वे यहां  पिछले 49 साल से रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां पर एक टेलर रहता था. जब भी कोई यहां नमाज पढ़ने आता था तो उनसे वो टेलर चंदा लेता था. पहले एक मंजिल की बिल्डिंग होती थी. उसमें मस्जिद होती थी. उस पर टीन की छत थी. लोग यहां आते थे और नमाज पढ़कर चले जाते थे. श्याम लाल कहते हैं कि मैं भी यहां जाता था. हालांकि, यहां पर वह नमाज पढ़ने नहीं बल्कि, लखदाता पीर का दीया जलाने के लिए जाते थे. इस दौरा वह उसमें तेल डालकर मत्था टेक कर लौट आते थे.

उन्होंने बताया कि जबसे टेलर आया, तब से यहां परेशानी बढ़ने लगी. बहुत से लोग ऐसे आते थे और जिनकी शक्ल कभी नहीं देखी. ऐसा लगता था जैसे रोहिंग्या हैं. पहले जो रहते थे, वो तो पता नहीं कहां गए, लेकिन जबसे टेलर आया. उसके बाद से मुश्किल हो गई, यहां पर अब काफी संख्या में लोग आना शुरू हो गए. श्यामलाल बताते हैं कि हमारे साथ तो आज तक कुछ नहीं हुआ, लेकिन लड़कियों को आने-जाने में परेशानी होती है. हमें डर कभी नहीं लगा, लेकिन परेशानी होती है और सरकार से यही मांग है कि जो अवैध निर्माण को हटाया जाए.

मस्जिद से चार मकान छोड़कर रहने वाले एक युवक ने बताया कि पहले कोई दिक्कत नहीं थी. युवक ने बताया कि उसके पिता बताते हैं कि एक टैलर की दुकान यहां थी और साथ में एक छोटा सा कमरा था. बाद में यहां पर निर्माण होता चला गया. युवक ने बताया कि उनके पिता यहां पर पचास साल से रह रहे हैं. वह सरकारी विभाग से रिटायर हुए है.
हिमाचल प्रदेश के मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है और कोर्ट के फैसले का इंतजार कीजिए. उन्होंने कहा कि यहां पर इस तरह के विवाद नहीं होते थे और कानून के दायरे में रहकर ही बात करनी चाहिए. मंत्री ने कहा कि मामले को लेकर तूल देने की जरूरत नहीं है और यहां पर सब लोग भाईचारे के साथ रहते हैं. उन्होंने मस्जिद में अवैध निर्माण के सवाल पर कहा कि यहां पर यह अकेली बिल्डिंग नहीं जो अवैध बनी है. दूसरी भी कई इमारतें है, जो अवैध हैं.

इस मामले में नगर निगम की कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई और निगम ने वक्फ बोर्ड से जवाब मागां है. अब मामले की सुनवाई 5 अक्तूबर को होगी. फिलहाल, मौके पर पुलिस बल तैनात है.  प्रशासन भी पूरे मामले पर नजरें बनाए हुए है. गौरतलब है कि शिमला में ढाई मंजिल से अधिक निर्माण की इजाजत नहीं है. लेकिन मस्जिद में 5 मंजिलें बनाई गई हैं.

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