महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की लड़ाई काफी दिलचस्प रहने वाली है। इसका सबसे बड़ा कारण शिवसेना और एनसीपी का विघटन है। दोनों दलों का एक खेमा सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के साथ है। वहीं शरद पवार और उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ मिलकार महा विकास अघाड़ी के बैनर तले विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे ने जब 55 विधायकों के साथ बगावत कर दिया था तब उद्धव ठाकरे को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ गई थी। बाद में उन्हें पार्टी के नाम और निशान से भी हाथ धोना पड़ गया था।
एकनाथ शिंदे शिवसेना के नाम पहले वाले सिंबल के साथ चुनावी अखाड़े हैं। इस विधानसभा चुनाव में 26 ऐसी सीटें ऐसी हैं जहां शिवसेना के कैंडिडेट का सामना उद्धव ठाकरे के गुट वाले उम्मीदवारों के साथ होना है। छत्रपति संभाजी नगर भी वह सीट हैं जहां शिवसेना बनाम शिवसेना की लड़ाई होने वाली है। आपको बता दें कि शिवसेना के विभाजन के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है।