जन आक्रोश रैली के दौरान मचा हंगामा, एक युवक हुआ घायल।

 गुरुवार को कांग्रेस की जन आक्रोश रैली उस समय खून-खराबे में बदल गई जब कांग्रेसी ज्ञापन देने के बाद आपस में ही भिड़ गए। इस रैली में कांग्रेस के मध्‍य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी स्वयं कलेक्टर को ज्ञापन देने पुराने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनके जाने के बाद ही यह घटना घटित हो गई। ज्ञापन देने के बाद हुई फायरिंग की घटना से वहां भगदड़ मच गई।

मौके पर केवल दो पुलिस जवान व्यवस्था संभालने के लिए मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी में हुई तीन राउंड फायरिंग से माहौल में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो-तीन युवकों को मौके से पकड़ा और वाहन में बैठाकर कोतवाली ले गई। फायरिंग की इस घटना से मौके पर खड़े कुछ वाहनों के कांच भी टूट गए। शाम के समय हुई इस वारदात के बाद सिविल लाइन क्षेत्र में दहशत फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।

इधर घटना के बाद विधायक राजेंद्र भारती और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामकिंकर गुर्जर भी कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। इस मामले में विधायक का कहना था कि विपक्ष द्वारा घटना को अनावश्यक मामले को तूल दिया जा रहा है।

कोतवाली पुलिस ने इस घटना में फरियादी रोहित गुर्जर पुत्र चंद्रभान सिंह गुर्जर निवासी ग्राम सुंदरपुरा थाना धीरपुरा व उसके चचेरे भाई परवेंद्र गुर्जर की रिपोर्ट पर सचिन गुर्जर पुत्र रामपाल सिंह गुर्जर निवासी ग्राम खिरिया थाना पंडोखर, रामू गुर्जर पुत्र भारत सिंह निवासी सदर, पवन मुदगल पुत्र संतोष मुदगल निवासी ग्राम धनौटी पंडोखर सहित तीन अन्य पर मामला दर्ज किया है।

फायरिंग की इस घटना के बाद युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र उर्फ रामू गुर्जर ने दावा किया हमला उन्हें टारगेट कर किया गया था। हमलावर उनकी जान लेना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने यह काम किया है। गुर्जर का कहना था कि अगर उनका भाई सचिन पिता की लाइसेंसी बंदूक लेकर बचाव में फायर नहीं करता तो हमलावर उनकी जान ले लेते।

उनका कहना था कि पुलिस ने जिसे पकड़ा है वो उनका भाई है और उसने बचाव में गोली चलाई थी। जिससे गाड़ी का कांच टूटकर सचिन को भी लगा और वह घायल हो गया। बता दें कि जुलाई माह में भी आपसी विवाद को लेकर इंदरगढ़ क्षेत्र के धीरपुरा में रामू गुर्जर की कार फायरिंग की घटना हुई थी।

इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर क्राॅस मामला भी दर्ज किया था। यहां मामला पुलिस जांच में है। बताया जाता है फरियादी का चचेरा भाई परवेंद्र गुर्जर भी सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र का युवा कांग्रेस अध्यक्ष है। यह मामला वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी अघोषित बिजली कटौती, महंगाई, बेरोजगारी, पानी और किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित जन आक्रोश रैली में भाग लेने आए थे। इस दौरान किला चौक पर हुई आमसभा में उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। रैली में विधायकों सहित कांग्रेस के बड़े नेता भी मौजूद थे।

आमसभा के बाद पटवारी कांग्रेसियों की रैली लेकर पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां कलेक्टर संदीप माकिन को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद पटवारी और अन्य नेता अपने वाहनों में सवार होकर लौट गए। इसी दौरान वहां मौजूद कांग्रेसियों में विवाद की स्थिति पैदा हुई और अचानक गोली चलने की आवाजें सुनाई देने लगी, जिसे सुनकर पुलिस मौके पर दौड़ी।

जिस समय फायरिंग की घटना हुई, उस दौरान पुराने कलेक्ट्रेट सहित वहां आसपास भी सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई गोली की चपेट में नहीं आया। गोलियां चलने से वहां मौजूद लोगों की जान भी कुछ देर के लिए संकट में आ गई। इसके चलते कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा सहित अन्य अधिकारी अपनी सर्विस रिवाल्वर निकालकर हर स्थिति से निबटने के लिए मोर्चा संभालते हुए नजर आए थे।

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