प्रोटीन बनाने में महारत, इन तीन वैज्ञानिकों को मिला 2024 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार

Nobel Prize Winner 2024: साल 2024 के लिए नोबेल पुरस्कार के विजताओं की घोषणा कर दी गई है। इस साल तीन वैज्ञानिकों डेविड बेकर, डेमिस हसबिस और जॉन जम्पर को प्रोटीन की संरचना का पूर्वानुमान लगाने और उसे डिजाइन करने के उनके बेहतरीन योगदान के लिए रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रसायन विज्ञान के नोबेल समिति के अध्यक्ष हेनर लिंके ने बताया है कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अमीनो एसिड अनुक्रम और प्रोटीन संरचना के बीच संबंध स्थापित करने वाले उनके शोध को सम्मानित करने के लिए दिया गया है। समिति के अध्यक्ष ने कहा, “इसे दशकों तक रसायन विज्ञान और खास कर बायोकेमिस्ट्री में एक बड़ी चुनौती समझा जाता था। इसलिए इसकी खोज के लिए उन्हें आज सम्मानित किया जाता है।”

नोबेल विजेता बेकर फिलहाल सिएटल में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। वहीं हसबिस और जम्पर दोनों लंदन में Google Deepmind में काम करते हैं। बेकर ने 2003 में एक नया प्रोटीन डिजाइन किया और उसके बाद से उनके शोध समूह ने एक के बाद एक कल्पनाशील प्रोटीन के निर्माण किए हैं। नोबेल समिति ने कहा कि इनमें ऐसे प्रोटीन भी शामिल हैं जिनका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स, वैक्सीन, नैनोमटेरियल और छोटे सेंसर के रूप में किया जा सकता है। नोबेल समिति के प्रोफेसर जोहान एक्विस्ट ने कहा, “उनके पास जितने डिज़ाइन हैं और उन्होंने जितने डिजाइन बनाए और प्रकाशित किए हैं, उनकी विविधता वाकई अद्भुत है। ऐसा लगता है कि आप इस तकनीक से लगभग किसी भी तरह का प्रोटीन बना सकते हैं।”

नोबेल समिति ने कहा कि हसबिस और जम्पर ने एक AI मॉडल बनाया है जो शोधकर्ताओं द्वारा पहचाने गए लगभग सभी 200 मिलियन प्रोटीन की संरचना का अनुमान लगाने में सक्षम है। लिंके ने कहा कि वैज्ञानिकों ने लंबे समय से प्रोटीन की 3D संरचना की भविष्यवाणी करने का सपना देखा था। लिंके ने कहा, “चार साल पहले 2020 में डेमिस हसबिस और जॉन जम्पर कोड को क्रैक करने में कामयाब रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कुशल उपयोग से उन्होंने प्रकृति में मौजूद किसी भी ज्ञात प्रोटीन की जटिल संरचना की भविष्यवाणी करना संभव बना दिया। वैज्ञानिकों का एक और सपना नए प्रोटीन बनाना है ताकि हम सीख सकें कि प्रकृति के टूल का उपयोग अपने उद्देश्यों के लिए कैसे किया जाए। उन्होंने कहा, “यही वह समस्या है जिसे डेविड बेकर ने हल किया। उन्होंने ऐसे कम्प्यूटेशनल उपकरण विकसित किए जो अब वैज्ञानिकों को पूरी तरह से नए आकार और कार्यों के साथ शानदार नए प्रोटीन डिजाइन करने में सक्षम बनाते हैं जिससे इंसानों के लिए अनंत संभावनाएं खुलती हैं।”

पिछले साल रसायन विज्ञान का पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को क्वांटम डॉट्स पर उनके काम के लिए दिया गया था। इस साल नोबेल पुरस्कारों की घोषणाओं की शुरुआत सोमवार हो गई है। अमेरिकी डॉक्टर विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। वहीं मशीन लर्निंग के दो संस्थापक, जॉन हॉपफील्ड और जेफ्री हिंटन ने भौतिकी पुरस्कार जीता। साहित्य के नोबेल की घोषणा गुरुवार को की जाएगी। वहीं नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को और अर्थशास्त्र पुरस्कार की घोषणा 14 अक्टूबर को की जाएगी। नोबेल पुरस्कार की जीत पर इसकी शुरुआत करने वाले स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल द्वारा छोड़ी गई वसीयत से 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर ($ 1 मिलियन) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार विजेताओं को नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को आयोजित समारोह में अपने पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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