इस रत्न से बढ़ जाता है प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट का काम,ये लोग बिल्कुल भी ना पहनें! साढ़ेसाती के प्रभाव से मिलेगी मुक्ति

ज्योतिष शास्त्र में रत्न का विशेष महत्व होता है. अधिकतर लोगों में मान्यता है कि रत्न धारण करने से उनकी किस्मत बदल जाती है. जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 84 प्रकार के रत्नों का विवरण मिलता है. हर राशि एवं ग्रह के लिये अलग अलग रत्न पहनने का नियम है. रत्न को पहनने में हमें बहुत सावधानी रखनी चाहिये. कोई रत्न अच्छा होने पर जितने अच्छे परिणाम देता है उससे अधिक खराब होने पर बुरे परिणाम देता है.ऐसा ही एक रत्न है मूंगा, जिसे पहनने से जीवन में ऊर्जा, साहस एवं पुलिस, सेना तथा प्रॉपर्टी के कामों में लाभ मिलता है.

क्या है मूंगा रत्न (Coral) : मूंगा समुद्र में पाए जाने वाला एक कीमती रत्न है. यह लाल, गुलाबी, नारंगी, गेरुआ, सिंदूरी और सफेद रंग में पाया जाता है. जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के कमजोर होने की स्थिति में उसे बल देने के लिए मूंगा धारण किया जाता है. यह समुद्र की गहराई में पाए जाने वाली एक विशेष प्रकार की लकड़ी होता है.

ज्योतिष शास्त्र में रत्न का विशेष महत्व होता है. अधिकतर लोगों में मान्यता है कि रत्न धारण करने से उनकी किस्मत बदल जाती है. जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 84 प्रकार के रत्नों का विवरण मिलता है. हर राशि एवं ग्रह के लिये अलग अलग रत्न पहनने का नियम है. रत्न को पहनने में हमें बहुत सावधानी रखनी चाहिये. कोई रत्न अच्छा होने पर जितने अच्छे परिणाम देता है उससे अधिक खराब होने पर बुरे परिणाम देता है.ऐसा ही एक रत्न है मूंगा, जिसे पहनने से जीवन में ऊर्जा, साहस एवं पुलिस, सेना तथा प्रॉपर्टी के कामों में लाभ मिलता है.आइये मूंगा रत्न के बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या है मूंगा रत्न (Coral) : मूंगा समुद्र में पाए जाने वाला एक कीमती रत्न है. यह लाल, गुलाबी, नारंगी, गेरुआ, सिंदूरी और सफेद रंग में पाया जाता है. जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के कमजोर होने की स्थिति में उसे बल देने के लिए मूंगा धारण किया जाता है. यह समुद्र की गहराई में पाए जाने वाली एक विशेष प्रकार की लकड़ी होता है.


 इस मूलांक के जातक कर सकते हैं धारण : जिन जातकों का मूलांक 9 है यानि किसी भी माह की 9,18, 27 तारीख को जन्म लेने वाले जातक मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं.

साढ़ेसाती से बचाव के लिये करें धारण : वर्ष 2025 का मूलांक 9 है. मेष राशि के जातकों की साढ़ेसाती शुरू हुई है. उन्हें शनि के कुप्रभाव से सिर्फ मंगलदेव ही मुक्ति दिला सकते हैं. मेष राशि के जातक मूंगा रत्न धारण करके मंगल को मजबूत करें. इससे उन्हें साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत मिलेगी.

इस व्यवसाय के लोग करें धारण : जो लोग प्रॉपर्टी डीलिंग, रीयल एस्टेट से सम्बंधित व्यवसाय में हैं वो लोग जन्म कुंडली में मंगल की स्थिति जांच कर मूंगा रत्न अवश्य धारण करें. इससे उनके व्यवसाय में जबरजस्त बढ़ोत्तरी होगी.

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