दोस्ती, फ्लर्ट और… अपने सीक्रेट मिशन पर ऐसे काम करती हैं मौसाद की फीमेल एजेंट्स

लेबनान में हुए पेजर अटैक के बाद चर्चा है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक फिर साबित कर दिया है कि सीक्रेट एजेंसियों की लिस्ट में वो काफी पावरफुल है. इसके साथ ही मोसाद के पुराने ऑपरेशन की बात की जा रही है. क्या आप जानते हैं मोसाद के एजेंट्स में महिलाओं की संख्या भी काफी है और मोसाद की फीमेल एजेंट्स ने भी कई सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम दिया है. तो आज हम आपको बताते हैं कि मोसाद की फीमेल एजेंट्स किस तरह काम करती हैं…

मोसाद की फीमेल एजेंट्स की इसलिए ज्यादा चर्चा होती है, क्योंकि मोसाद में फीमेल स्टाफ बड़ी संख्या में है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद में 40 फीसदी स्टाफ फीमेल हैं और उनमें से 24 फीसदी सीनियर रोल में हैं. मोसाद के प्रमुख भी अपनी महिला एजेंट की कई बार तारीफ कर चुके हैं और महिलाओं के मल्टीटास्किंग होने की वजह से उन्हें कई सीक्रेट मिशन पर भेजा गया है. 

अक्सर मोसाद की फीमेल एजेंट्स के लिए कहा जाता है कि वे सिर्फ फ्लर्ट करके ही ऑपरेशन में सफल रहती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. मोसाद की फीमेल एजेंट का काम करने का तरीका काफी अलग है, जिस वजह से उन्हें काफी सक्सेसफुल एजेंट्स माना जाता है. एक बार मोसाद की 5 एजेंट्स को इंटरव्यू की इजाजत मिली थी, जिसमें उन्होंने अपने काम को लेकर बहुत कुछ बताया था. 

टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला एजेंट्स ने बताया था कि मोसाद फीमेल एजेंट्स का जीवन एक जासूसी की फिल्म की तरह है, लेकिन उतनी ग्लैमरस नहीं है. हकीकत में उनकी लाइफ साजिश, बिना नींद वाली रातें, कभी-कभी फ्लर्ट, छेड़खानी और कई खतरों से भरी होती हैं और साथ ही परिवार का तनाव भी होता है. 

उन्होंने बताया कि कई हाई रैंक महिला ऑफिसर देश के काफी बड़े ऑपरेशन में शामिल रही हैं. साथ ही उन्होंने फ्लर्ट से जुड़ी बातों को लेकर कहा कि सब देश की सुरक्षा की बात आती है तो फ्लर्ट करना उचित है. उन्होंने ये भी माना कि अगर कोई पुरुष कहीं सीक्रेट जगह का एक्सेस चाहता है तो उनके लिए मुश्किल होता है, लेकिन एक स्माइलिंग महिला के लिए काफी आसान हो जाता है. 

एक सीनियर फीमेल एजेंट ने बताया कि हम कई बार अपने महिला होने का फायदा उठाते हैं और उसमें कुछ गलत नहीं है.लेकिन, ऐसा नहीं है कि हम मिशन को आगे बढ़ाने के लिए किसी के साथ सो सकती हैं, मोसाद कभी भी ऐसा करने की इजाजत नहीं देता है. साथ ही फीमेल एजेंट को कभी सेक्सुअल पर्पज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता है. उन्होंने माना कि हम फ़्लर्ट करते हैं, लेकिन आगे जाने के लिए एक लाइन है, जिसे पार नहीं कर सकते. 

हालांकि, इस पेशे में उनका पारिवारिक जीवन काफी प्रभावित होता है. एक जासूस ने बताया कि परिवार का पालन-पोषण करने वाली कई महिलाओं के लिए एजेंट की लाइफस्टाइल बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण है, इसलिए कई महिला एजेंट्स सिंगल ही हैं. 

स्पेशल टास्क के अलावा महिला एजेंट्स को पुरुष एजेंट्स की तरह कई और काम भी करने होते हैं. वे भी किसी मिशन पर गुमनामी की जिंदगी में रहती हैं और अपनी पहचान बदलकर लंबे वक्त किसी प्रोजेक्ट में अलग-अलग रोल प्ले करते हुए काम करती हैं. मोसाद के इतिहास में कई ऐसे ऑपरेशन रहे हैं, जिन्हें महिला एजेंट्स ने ही पूरा किया है. 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *