एक के बाद एक भारत के 4 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, किसी की अयोध्या तो किसी की कनाडा में लैंडिंग

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मंगलवार को चार विमानों में बम की धमकी दी गई, जिसमें एअर इंडिया की दिल्ली से शिकागो जा रही फ्लाइट भी शामिल है. फ्लाइट्स में बम होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर सभी फ्लाइट्स की इमरजेंसी लैंडिंग कराई.

मंगलवार को चार विमानों पर बम धमकी भरे मैसेज मिले, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई हवाई अड्डों पर विशेष आतंकवाद विरोधी अभ्यास शुरू कर दिए हैं. सूत्रों के अनुसार, इन विमानों में से एक अमेरिका जाने वाला विमान भी शामिल था.

सोमवार को मुंबई से उड़ान भरने वाली तीन अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को भी बम उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे सैकड़ों यात्रियों और एयरलाइन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. हालांकि, जांच के बाद इन धमकियों को बाद में फर्जी करार दिया गया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चार विमानों को धमकी दी गई ,जिसमें एअर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर से अयोध्या होते हुए बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट (IX765), स्पाइसजेट की दरभंगा से मुंबई जाने वाली फ्लाइट (SG116), अकासा एयर की सिलीगुड़ी से बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट (QP 1373), और एयर इंडिया की दिल्ली से शिकागो जाने वाली फ्लाइट (AI 127) शामिल थी. एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान की अयोध्या एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की गई.

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान सुरक्षित लैंड कर चुके हैं. तो वहीं, दिल्ली से शिकागो जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट को सुरक्षा जांच के लिए कनाडा की ओर डायवर्ट कर दिया गया है. विमानन सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने PTI को बताया कि, सभी मामलों में सावधानी बरती जा रही है. .

सूत्रों ने कहा कि एक्स हैंडल ने एयरलाइनों और पुलिस के हैंडल्स को टैग करते हुए दावा किया कि इन विमानों पर बम रखे गए हैं. सोमवार को भी चार अलग-अलग X हैंडल्स ने मुंबई से उड़ान भरने वाली तीन अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को इसी तरह की धमकी दी थी. सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों, एयरलाइनों और हवाई अड्डों के ऑपरेटरों ने सोमवार को इन मैसेजों को फर्जी करार दिया था, जब बम या अपहरण की धमकी मिलने पर सक्रिय की जाने वाली आतंकवाद विरोधी सुरक्षा जांच की गई.

अधिकारियों ने बताया कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने इन धमकियों के पीछे शामिल लोगों का पता लगाने के लिए भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की मदद मांगी है.

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