“नशीली दवाओं का कारोबार धमतरी”
धमतरी में नशीली दवाओं के कारोबार में तीन दोषियों को 9-9 साल की सजा
धमतरी:
धमतरी जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें तीन दोषियों को विशेष न्यायालय द्वारा 9-9 साल की सश्रम कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई थाना कुरूद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का नतीजा है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 5 महीने का कारावास भुगतना होगा।
मामला और आरोप
तीन आरोपियों— टिकेन्द्र साहू उर्फ टिल्लू, जयप्रकाश साहू उर्फ गोलू और गुलशन साहू के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में कार्रवाई की गई। इनके कब्जे से 288 नग नशीली कैप्सूल (SPASMO PROXYVON PLUS), एक देशी कट्टा, 5 कारतूस, 2 चाकू, 3 मोबाइल फोन, नगद राशि और एक होंडा सिटी कार (CG 04 AH 6401) बरामद की गई। इन वस्तुओं की कुल कीमत लगभग 2,65,316 रुपये आंकी गई है।
पुलिस की कार्रवाई और सजा
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नया कृषि उपज मंडी के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एनडीपीएस एक्ट और आयुध अधिनियम के तहत सजा सुनाई। विशेष न्यायालय ने टिकेन्द्र साहू को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा दी, जबकि जयप्रकाश और गुलशन साहू को 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये का जुर्माना दिया।
पुलिस विभाग की कार्रवाई
धमतरी पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने की योजना बनाई है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों को सजा दिलाई जा सके।
पुलिस की सराहना
धर्मतरी पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उप निरीक्षक ईश्वर साकार को उत्कृष्ट विवेचना के लिए नगद पुरस्कार से सम्मानित किया। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि पुलिस विभाग मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और इस पर नियंत्रण पाने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
नागरिकों से अपील
पुलिस ने इस अवसर पर नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे अपराध पर काबू पाया जा सकता है और समाज में मादक पदार्थों की तस्करी से बचाव किया जा सकता है।