आज विश्व भर में भारत का डंका बज रहा है. भारत शांति का संदेश लिए हर युद्ध क्षेत्र में जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ संदेश है कि भारत बुद्ध की धरती है और वह शांति के पक्ष खड़ा है. पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ इजरायल और हमास युद्ध के बीच भी शांति की अपील कर रहे हैं. यहां तक कि उनका पूरा प्रयास है कि यह युद्ध समाप्त हो और चारों ओर शांति का माहौल हो. इसी कड़ी में उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया कि जो दुनिया के बड़े-बड़े नेता नहीं कर पाए हैं.

दरअसल शुक्रवार को पीएम मोदी युद्धरत देश यूक्रेन पहुंचे. जहां उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. इस बारे में जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने आज पोस्ट भी लिखा. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि मोदी ने शुक्रवार को प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी नेलिखा, “आज सुबह कीव पहुंचा. भारतीय समुदाय ने बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया.”


यूक्रेन यात्रा से पहले पीएम मोदी पोलैंड भी गए थे. वहीं पिछले महीने पीएम मोदी रूस गए थे. युद्ध क्षेत्र होने के बाद भी रूस और यूक्रेन दोनों जगह पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. ऐसा कोई नेता नहीं जो दोनों देश जाने के बाद अपने देश के लोगों से मुलाकात की. यह पीएम मोदी ही हैं जिन्होंने दोनों युद्धरत देश में जाकर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. जब चारों तरफ से किसी दूसरे देश में बमबारी हो रही हो तो ऐसे में अपने लोगों से मुलाकात करना अपने आप में बड़ी बात है.

इससे पहले चार देश के चीफ रूस-यूक्रेन जा चुके हैं. लेकिन किसी भी नेता ने यह जोखिम नहीं उठाया कि उस देश में रह रहे अपने लोगों से मिले. लेकिन पीएम मोदी ने यह जोखिम उठाया. इससे पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर युद्ध के दौरान रूस पहुंचे थे. रूस जाने से महज दो दिन पहले कीव की यात्रा पर पहुंचे थे. इसके साथ ही इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो साल 2022 में 29 जून को मास्को पहुंचे थे. वहीं इसके ठीक एक दिन पहले 28 जून को विडोदो यूक्रेन गए थे.


तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन साल भी 2022 में यूक्रेन के शहर लवीव की यात्रा की थी. इसके बाद वर्किंग विजिट के तौर पर रूस के शहर सोची पहुंचे थे. एर्दोगन भी लगातार दोनों देशों के बीच युद्ध विराम के लिए शांति समझौते की वकालत और पहल करते रहे हैं. हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान इसी साल जुलाई 2024 यूक्रेन पहुंचे थे. उसके बाद उन्होंने रूस की यात्रा की थी. लेकिन इस दौरान इनमें से किसी ने अपने देश के लोगों से मुलाकात नहीं की. लेकिन पीएम मोदी ने ऐसा कर दिखाया.

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