उज्जैन सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा विरोध
उज्जैन। शहर में संदीपनी चौराहे से उद्यान मार्ग तक 80 फुट सड़क चौड़ीकरण की तैयारी ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार, इस चौड़ीकरण से लगभग 26 मकानों और 16 मंदिरों पर असर पड़ सकता है।
बुलडोजर एक्शन का डर और उनकी सुरक्षा की चिंता के चलते शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया।
🏘️ मकानों और मंदिरों पर संभावित असर
- चौड़ीकरण के तहत मकानों के सामने का लगभग 13 फीट हिस्सा हटाया जा सकता है
- रास्ते में आने वाले लगभग 16 मंदिर विस्थापन के दायरे में हैं
- नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है
- काम की शुरुआत जनवरी के आखिरी या फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना
👥 विरोध प्रदर्शन का दृश्य
- लक्ष्मी नगर चौराहे पर मंच लगाकर व्यापारी और निवासी नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराए
- बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हुए
- कई दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं और पोस्टर लगाकर विरोध जताया
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन बिना सही सर्वे और बातचीत के सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई कर रहा है, जिससे डर और असमंजस की स्थिति बनी है।
🛣️ विरोधियों की राय
- दिनेश पाटीदार: “यह सड़क पहले से ही काफी चौड़ी है, सिंहस्थ मेला भी यहाँ नहीं लगता। अतः चौड़ीकरण की जरूरत नहीं।”
- प्रवीण जैन: “कोई सही सर्वे नहीं किया गया। अधिकारी बार-बार गलत नाप-जोख करके मानसिक दबाव डाल रहे हैं।”
- प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो चक्काजाम जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
📌 सड़क चौड़ीकरण का कारण
- उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां
- शहर के कई प्रमुख मार्गों का सुधार और चौड़ीकरण
- शिप्रा नदी पर 29 किलोमीटर लंबे पक्के घाटों का निर्माण
हालांकि स्थानीय लोग तर्क देते हैं कि जिस सड़क को चौड़ा किया जा रहा है, वहां भीड़ और यातायात की समस्या नहीं है।