ट्रैफिक कंट्रोल, महिला सुरक्षा और AI का यूज… माइंडरॉक्स में बेंगलुरु कमिश्नर के माइंडफुल विजन

बेंगलुरु में चल रहा है और इस कार्यक्रम में शहर के पुलिस कमिश्नर बी दयानंद भी पहुंचे. उन्होंने खासतौर पर महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और इससे बचने के तौर-तरीके पर बात की. उन्होंने बताया कि किस तरह शहर की पुलिस टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर इस तरह के अपराध को रोक रही है.

माना जाता है कि शहर में कुरियर फ्रॉड काफी तेजी से हो रहा है. पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बताया कि इसी कुरियर फ्रॉड में एक शख्स को 25 करोड़ रुपये का झटका लगा था. यह पूछे जाने पर कि आखिर पुलिस इस तरह के अपराध को रोक पाने में क्यों असफल है या फिर कैसे रोक रही है? तो उन्होंने बताया कि अपराध के तुरंत बाद अगर इसे रिपोर्ट किया जाता है तो इसमें रिकवरी के चांस ज्यादा होते हैं.

पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बताया कि 112 या 100 नंबर पर कॉल करने पर रिस्पॉन्स तेजी से दिया जाता है. सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उन्होंने बताया कि यह एक बहुत ही स्ट्रॉन्ग प्लेटफॉर्म है और यूथ के साथ स्टोरी टेलिंग के माध्यम से आसानी से जुड़ा जा सकता है और इसके लिए स्टोरी-टेलिंग का इस्तेमाल किया जाता है.

बेंगलुरु कमिश्नर ने वंदना एप के बारे में भी बात कि, जिसमें लोगों का फीडबैक लिया जाता है. जैसे कि कोई अगर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए आता है तो उनके साथ पुलिस टीम किस तरह से बर्ताव करती है, इस बारे में लोगों का रिव्यू लिया जाता है और बाद में उस आधार पर सुधार किया जाता है.

बेंगलुरु में ट्रैफिक और लॉ एंड ऑर्डर पर अक्सर सवाल उठते हैं. ट्रैफिक जाम के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी एजेंसियां जिम्मेदार होती हैं. जैसे कि नगर निगम वगैरह तो ट्रैफिक को कम करने के लिए इनके साथ काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ट्रैफिक सुचारू रूप से चलाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाता है.

जैसे कि अगर किसी ने सीट बेल्ट नहीं लगाया है या सीट बेल्ट नहीं लगाया है तो उनका चालान कट जाएगा और उन तक पहुंच जाएगा. उन्होंने बताया कि हेलमेट वगैर नहीं पहनने पर भी किसी को नहीं रोका जाता और एआई अपना काम कर देता है और उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह के नए तकनीकों पर काम किया जा रहा है, ताकि हर तरह की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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