वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए 12 देशों के लोगों पर अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी कई देशों के लोगों पर ट्रैवल बैन लगाया था, जिसे बाद में हटा दिया था।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए 12 देशों- अफगानिस्तान,म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के लोगों पर ट्रैवल बैन लगाया है। यानी इन देशों के लोग अब अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। इन देशों पर ट्रैवल बैन सोमवार दोपहर 12 बजे से लागू होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इन देशों पर ट्रैवल बैन लगाते हुए कहा कि, मेरे पहले प्रशासन के दौरान मैंने विदेशी नागरिकों के संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को हमारी सीमाओं तक पहुंचने से सफलतापूर्वक रोका और जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। हालांकि, ट्रंप ने 20 जनवरी को अपने दूसरे कार्यकाल संभालते ही इसके संकेत दे दिए थे।
ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन एक कार्यकारी आदेश दिया था, जिसमें राज्य और होमलैंड सुरक्षा विभागों और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक को अमेरिका के प्रति “शत्रुतापूर्ण रवैये” पर एक रिपोर्ट तैयार करने और यह पता लगाने के लिए कहा गया था कि क्या कुछ देशों से आने वाले लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करते हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद 12 देशों पर पूर्ण बैन और 7 देशों पर कड़े नियम लागू किए गए।
ट्रंप ने जनवरी 2017 में भी सात मुस्लिम देशों – इराक, सीरिया, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन के नागरिकों पर अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। ट्रंप के इस फैसले पर मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह पर आधारित होने का आरोप लगा था। तब ट्रंप और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर बैन का बचाव किया है, उनका तर्क है कि इसका उद्देश्य देश की रक्षा करना था और यह मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं था।