शहीद दीपक भारद्वाज
शहीद दीपक भारद्वाज: बलिदान, साहस और प्रेरणा की अमर गाथा
छत्तीसगढ़ की धरती वीरों की भूमि रही है और यहां के शहीदों का बलिदान सदैव देश को गौरवान्वित करता है। इसी कड़ी में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर समिति द्वारा मुख्यमंत्री को शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया गया।
मुख्यमंत्री साय का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि—
“शहीद दीपक भारद्वाज का जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारा नैतिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। उनके बलिदान को याद रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
टेकलगुड़ा मुठभेड़: जब देश ने अपने वीर सपूत खोए
3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र अंतर्गत टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मुठभेड़ में:
- 22 वीर जवान शहीद हुए
- सब-इंस्पेक्टर दीपक भारद्वाज ने असाधारण वीरता का परिचय दिया
- अंतिम क्षण तक मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए
उनका साहस और नेतृत्व आज भी सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा है।
कीर्ति चक्र से सम्मान
शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम को सम्मान देते हुए:
- छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर
- भारत सरकार द्वारा
- उन्हें कीर्ति चक्र से अलंकृत किया गया
9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान प्रदान किया।
प्रतिमा स्थापना: स्मृति को मिलेगा स्थायित्व
वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा:
- सक्ती जिले में
- शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष
- स्थापित की गई है
यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और बलिदान का संदेश देती रहेगी।
उपस्थित प्रमुख लोग
इस सम्मानजनक मुलाकात के दौरान उपस्थित रहे:
- शहीद के पिता श्री राधेलाल भारद्वाज
- मालखरौदा जनपद अध्यक्ष श्री कवि वर्मा
- श्री निर्मल सिन्हा
- लालू गबेल
- श्री जगदीश चंद्रा
- स्मृति समिति के अन्य प्रतिनिधि